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अमन साहू को सीआइडी ने दो दिनों के रिमांड पर लिया, खुल सकता है थाना से फरार होने का राज  

Ranchi : गैंगस्टर अमन साहू को सीआइडी ने दो दिनों के रिमांड पर लिया है. बुधवार को सीआइडी की टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से अमन साहू को रिमांड पर लिया है. सीआइडी एडीजी अनिल पाल्टा ने इसकी पुष्टि की है. गौरतलब है कि अपराधी अमन साहू को सीआइडी ने बीते साल 27 सितंबर को बड़कागांव थाना से फरार होने के मामले में रिमांड पर लिया है. सीआइडी ने थाने से फरार होने के मामले में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की बात सामने आने के बाद केस को टेकओवर किया था.

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कई लोगों से सीआइडी कर चुकी है पूछताछ

27 सितंबर 2019 को बड़कागांव थाना हाजत से अमन साहू की फरारी के मामले में दर्ज कांड संख्या 169/19 की जांच सीआइडी कर रही है. कांड के सूचक चौकीदार भुवनेश्वर पासवान, तत्कालीन बड़कागांव थाना प्रभारी (अब बर्खास्त) मुकेश कुमार, एसडीपीओ अनिल सिंह सहित अन्य से सीआइडी पूछताछ कर चुकी है. पूछताछ और कांड में बताये गये तथ्यों के आधार पर सीआइडी के सामने कई बातें सामने आयी हैं.

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सीआइडी खंगाल रही इन सवालों के जवाब

सीआइडी अब इस बात का पता कर रही है कि बड़कागांव थाना से अमन को न सिर्फ सुरक्षित भगाया गया बल्कि उसकी फरारी के मामले में गलत कहानी बना कर चौकीदार के बयान पर फर्जी केस किया गया? इस मामले में क्यों और कौन शामिल थे? सीआइडी इस बात की भी जांच कर रही है कि बड़कागांव से भगाने के बाद उसकी फरारी का केस करने के लिए अमन के बड़कागांव थाना से भागने के बाद उरीमारी में कांड संख्या 161/19 में गिरफ्तारी तो नहीं बताया?

सवाल इसलिए उठ रहा है कि जब अमन उरीमारी में गिरफ्तार हो चुका था तो उसे कोर्ट न भेज कर बड़कागांव में क्यों और किसके आदेश पर किस केस में बड़कागांव थाना में रखा गया था? 27 सितंबर को बड़कागांव थाना से अमन के भागने के बाद एक सप्ताह तक पुलिस चुप क्यों रही? एक सप्ताह बाद अमन की फरारी की घटना मीडिया में आने के बाद आनन-फानन में जांच बिठा तत्कालीन थानेदार मुकेश कुमार को एसडीपीओ अनिल सिंह की जांच रिपोर्ट में लापरवाही बरते जाने की बात बता कर सस्पेंड कर दिया गया. महज एक सप्ताह के अंदर मुकेश कुमार को रिलीज कर दिया गया? सीआइडी जांच में अमन की फरारी मामले में दर्ज कांड संख्या 169/19 में बताये तथ्यों को सूचक भुवनेश्वर पासवान ने साफ इंकार कर दिया और उससे अलग बयान दिया. अब सवाल उठ रहा है कि एसडीपीओ अनिल सिंह की जांच में यह बात सामने नहीं आयी थी या एसडीपीओ अनिल सिंह ने जानबूझ यह बात दबा दी? ऐसे कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब सीआइडी खंगाल रही है.

क्या है मामला

24 सितंबर 2019 को रामगढ़ जेल गेट से अमन साव को हजारीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया था. अमन के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था. उसे जमानत पर छोड़ा गया था. हजारीबाग के उरीमारी थाना क्षेत्र में एक झामुमो नेता की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया गया था. इसी दौरान 28 – 29 सितंबर 2019 की रात नाटकीय तरीके से अमन साव बड़कागांव थाने से फरार हो गया था.

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