न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सीट शेयरिंग पर लेफ्ट और आरजेडी का निशाना, माले नेता ने कहा ‘अल्पसंख्यकों और लेफ्ट को बाहर करने का है महागठबंधन’

आरजेडी महासचिव ने कहा, महागठबंधन ने थमा दिया एक लॉलीपाप

1,329

न्यूज विंग ने आरजेडी और लेफ्ट पार्टियों से ली प्रतिक्रिया

लेफ्ट के लिए सीट छोड़ने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा कि पहले लेफ्ट एक तो हो जाये

Ranchi:  एक तरफ जहां महागठबंधन में शामिल तीन दलों (जेएमएम, कांग्रेस और जेवीएम) ने लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग पर आपसी सहमति बना ली है. वहीं इससे अलग महागठबंधन में शामिल होने की संभावना रखने वाले आरजेडी और लेफ्ट नेताओं ने खुल कर इस फॉर्मूले पर अपनी नाराजगी जतायी है.

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने गुरूजी के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा था कि अगर सभी लेफ्ट पार्टियां आपसी विचार कर एक सीट पर चुनाव लड़ने को सहमत होती है, तो कांग्रेस एक सीट छोड़ने पर विचार कर सकती है. हालांकि जब न्यूज विंग ने उनसे पूछा था कि वह कौन सी सीट होगी, तो उन्होंने कहा था कि पहले लेफ्ट तो एक हो जाए.

इस पर लेफ्ट और आरजेडी नेताओं से संपर्क साधा गया, तो उन्होंने काफी कठोर प्रतिक्रिया दी. भाकपा माले नेता सह बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि सीट शेयरिंग का यह फॉर्मूला केवल एक बहाना है, ताकि चुनाव पूर्व ही लेफ्ट और अल्पसंख्यकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए.

वहीं आरजेडी ने कहा कि पार्टी पलामू और चतरा दोनों सीटों पर किसी भी हाल में चुनाव लड़ेगी. महागठबंधन को चाहिए कि सीट शेयरिंग पर पुनर्विचार करें.

इसे भी पढेंः छाई उठाव नहीं होने की स्थिति में बंद करना होगा 500 मेगावाट का ‘ए’ पावर प्लांट, चार दिनों से बंद है BTPS का ‘बी’ प्लांट

जहां लेफ्ट मजबूत, उसे छोड़ पार्टी के पास और कोई विकल्प नहीं :  विनोद सिंह 

Related Posts

धनबाद : कासा सोसाइटी में बिजली मिस्त्री की मौत, मामला संदेहास्पद

सोसाइटी के लोगों का कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि बिजली मिस्त्री की हत्या की गयी है.

SMILE

माले नेता ने बताया कि जहां लेफ्ट मजबूत (कोडरमा) है, उसे छोड़ कर पार्टी के पास और क्या विकल्प हो सकता है. महागठबंधन में शामिल नेता लेफ्ट को एक सीट पर चुनाव लड़ने का सुझाव दे रहे हैं. जबकि हकीकत यह है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कोडरमा ही ऐसी एक सीट थी, जहां लेफ्ट का सबसे ज्यादा वोट शेयरिंग था. पार्टी यहां से दूसरे नंबर पर थी.

पार्टी पहले से कहती रही है कि कोडरमा में महागठबंधन उन्हें समर्थन करे. तब धनबाद जहां एक लाख से ज्यादा वोट पार्टी को मिला था, वहां महागठबंधन को समर्थन दिया जायेगा. अगर ऐसा नहीं होता है तो महागठबंधन समर्थन दे  या नहीं दे, पार्टी कोडरमा में अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी.

वहीं अल्पसंख्यकों को 2020 में राज्यसभा भेजने के निर्णय पर कहा कि भाजपा शासित राज्य झारखंड में सभी ज्यादा इन्हीं पर हमला हुआ है. लेकिन उन्हें सीट देने के बजाय महागठबंधन नेता चाह रहे है, कि वे भी चुनाव से बाहर रहें.

विचार करे महागठबंधन, वरना अन्य सीटों पर भी पार्टी खड़ा करेगी प्रत्याशी : आरजेडी महासचिव

आरजेडी के प्रधान महासचिव संजय कुमार सिंह यादव ने कहा कि पलामू और चतरा सीट को छोड़ पार्टी किसी भी बात पर समझौता नहीं करेगी. महागठबंधन के नेताओं ने आरजेडी को इगनोर करने का काम किया है. सीट शेयरिंग पर जो सहमति पत्र इऩ्होंने मीडिया में जारी की, उनमें कहीं भी आरजेडी नेताओं का साइन नहीं है.

इसके बावजूद शामिल तीन दल आरजेडी को एक सीट का लॉलीपाप दिखा रहे है. उन्होंने कहा कि स्टैंड क्लियर है कि पलामू और चतरा दोनों सीट पर पार्टी चुनाव लड़ेगी. अगर महागठबंधन इस पर विचार नहीं करती है, तो अऩ्य सीटों पर भी पार्टी चुनाव लड़ेगी. हालांकि अन्य सीट कौन-कौन होगी, इसपर उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले.

इसे भी पढ़ेंः निर्वाचन आयोग के आदेश पर हटाये गये बोकारो डीसी डॉ शैलेश कुमार चौरसिया

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: