न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

आरोप : पलामू में पुलिस दे रही खनन माफियाओं को संरक्षण, गांव में घुसकर करते हैं मारपीट

69
  • छतरपुर प्रखंड के भलही टोला में हो रहा अवैध खनन, तीन माह से ग्रामीण दहशत में
  • 1000 पेड़ काट दिये माफियाओं ने, टीबी से हुई 10 लोगों की मौत मामले की जांच में हुआ खुलासा

Palamu : पलामू के छतरपुर प्रखंड की चीरू पंचायत स्थित भलही टोला में पिछले तीन साल से खनन कार्य हो रहा है, जो गांव के बीचोंबीच किया जा रहा है. खनन क्षेत्र से सिर्फ 150 मीटर की दूरी पर वन भूमि है. खनन का कार्य ग्रामसभा की स्वीकृति के बिना ही शुरू कर दिया गया. ग्रामसभा से एनओसी नहीं मिला है. इन बातों का खुलासा पीयूसीएल और एआईपीएफ की टीम ने जांच रिपोर्ट में किया है. जांच टीम को ग्रामीणों ने जानकारी दी कि खनन की जमीन उनको अंधेरे में रखकर फर्जी तरीके से ले ली गयी है. जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि पत्थर खनन कंपनी ने ग्रामीणों में भय उत्पन्न कर दिया है. ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि खनन कंपनी की ओर से ग्रामीणों को धमकी दी जाती है. कुछ दिनों पूर्व जांच टीम यहां ग्रामीणों और पर्यावरण का जायजा लेने भी गयी थी. इस मामले में ग्रामीणों ने 11 और 17 जनवरी 2019 को डीसी कार्यालय में धरना दिया, लेकिन प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा.

50 फीट ऊंची चट्टान से शुरू किया गया कार्य

hosp3

अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में खनन कार्य 50 फीट ऊंची चट्टान पर शुरू कर दिया गया, जो अब 200 फीट गहरा हो चुका है. इससे गांव के लगभग 1000 पेड़ कंपनी ने काट दिये हैं. ग्रामीणों के विरोध करने पर गोचर जमीन खत्म कर दी गयी. इस गांव में 150 आदिवासी उरांव परिवार रहते हैं.

खेत की उर्वरता खत्म हो गयी है

ग्रामीणों ने जांच टीम को बातया कि मिट्टी में खनन की धूल मिल जाने से जमीन की उर्वरता खत्म हो गयी है. जल स्तर भी 50-100 फीट नीचे चला गया है. जिन बहुफसलीय जमीनों पर गेहूं, धान, उड़द, गन्ना, प्याज  इत्यादि लगाया करते थे, वे खेत अब नष्ट होकर खाली पड़े हैं. गांव के अधिकतर चापानल और कुएं सूख गये हैं.

खनन की धूल से कई लोगों को हुई टीबी की बीमारी, 10 की मौत

रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में खनन के धूलकण से कई लोगों को टीबी की बीमारी हुई, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों के नाम हैं- शिवनंदन उरांव, महेश उरांव, दुखन उरांव, सुदेश उरांव, गुदुआ देवी, देवंती देवी, करमदेव उरांव आदि. हाल ही में 35 वर्षीय युवक बिनेश उरांव की भी टीबी से मौत हो गयी. एक महिला तेतरी देवी ने बताया कि ब्लास्टिंग की वजह से एक घर भी टूट गया है. वहीं प्रधानमंत्री आवास वाले घर में दरारें आ गयी हैं.

कंपनी के अधिकारी ग्रामीण से करते हैं मारपीट

जांच टीम को ग्रामीणों ने बताया कि 14 मई 2018 को खनन कंपनी के मालिक अंजनी सिंह एवं उसके गुंडों ने लगभग 30- 35 गाड़ियों के साथ गांव पर हमला बोल दिया. रामकलेश उरांव ने बताया कि अंजनी सिंह ने उनको मारना-पीटना शुरू किया. उसके बाद अंजनी सिंह ने लगातार सात राउंड फायरिंग की और उसके गुंडों ने हॉकी स्टिक से महिलाओं को बुरी तरह से मारा-पीटा. उसके बाद ग्रामीणों ने भी आत्मरक्षा में पथराव शुरू कर दिया. उसके बाद अंजनी सिंह और उसके गुंडों को लौटना पड़ा. ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से इसकी शिकायत की, लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

पुलिस ने गांववालों को किया गिरफ्तार

रिपोर्ट में कहा गया है कि खनन कंपनी के मालिक अंजनी सिंह पर मामला दर्ज करने के बजाय पुलिस ने कंपनी और अंजनी सिंह का विरोध कर रहे ग्रामीण युवाओं को ही गिरफ्तार कर लिया. ग्रामीण नंदकेश्वर उरांव के आवास पर कब्जा कर लिया. भलही के सुनील उरांव को पुलिस ने आधी रात को गलत आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया. उन्हें चार-पांच दिन बाद छोड़ा गया. इसी तरह पटगाई गांव के 13 युवाओं को झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया है.

ये थे जांच टीम में

एडवोकेट नंदलाल सिंह, एसएन पाठक, अनिल अंशुमन, धीरज कुमार, गोकुल बसंत, किशोर कुमार, गौतम ऋषि, दिव्या भगत, ममता देवी, संगीता देवी, ललन प्रजापति.

इसे भी पढ़ें- पलामू : क्लिनिक से हाथी दांत के साथ दो लाख नगद बरामद, जांच जारी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: