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ग्रामीणों का आरोप : जाहेरथान घेराव के लिए की जा रही फर्जी ग्रामसभा, विरोध करने पर मिल रही जान से मारने की धमकी

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Dumka  : गांव में चलनेवाली सरकार की योजना को ग्रामसभा से पास कराने की बाध्यता के कारण ग्राम प्रधानों को बिचौलिया अपने चंगुल में लेते जा रहे हैं. दरअसल, दुमका जिला की कैराबनी पंचायत स्थित भुरूणडीहा गांव के संताल समुदाय अपने धर्म स्थल जाहेरथान के घेराव का विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों के मुताबिक, हाल के दिनों में ग्राम प्रधान कमलाकांत सिंह ने कृषि को लेकर ग्रामसभा की बैठक बुलायी थी. इसमें ग्रामीणों को अंधेरे में रखकर जाहेरथान घेराव के लिए हस्ताक्षर करवा लिये गये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जाहेरथान के घेराव को लेकर कोई ग्रामसभा नहीं बुलायी गयी थी. बैठक में ग्रामीणों को धोखे में रखकर जाहेरथान घेराव के लिए हस्ताक्षर कराये गये हैं. इतना ही नहीं, जो लोग बैठक में मौजूद नहीं थे, उनके भी फर्जी हस्ताक्षर किये गये हैं. मामला सिर्फ दुमका जिला की कैराबनी पंचायत का ही नहीं, ऐसे मामले कई जिलों में देखे जा चुके हैं. वहीं, फर्जी ग्रामसभा का विरोध करनेवाले को जान से मारने की धमकी भी मिल रही है.

बिचौलियों के बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं ग्राम प्रधान : मंगल मुर्मू

गांव के पूजा-पाठ करनेवाले नायकी (पुजारी) मंगल मुर्मू ने कहा कि ग्राम प्रधान बिचौलियों के बहकावे में आकर ऐसा काम कर रहे हैं. वहीं, फर्जी ग्रामसभा का विरोध करने पर बिचौलियों द्वारा लोरेन मुर्मू और सिमोन सोरेन को जान से मारने की धमकी दी जा रही है. मंगल मुर्मू का कहते हैं, “मुझे जाहेरथान घेराव की कोई जानकारी ग्राम प्रधान द्वारा नहीं दी गयी है और न ही इसके लिए कोई ग्रामसभा की गयी है. फर्जी ग्रामसभा में मेरे फर्जी हस्ताक्षर किये गये हैं.”

ग्रामीणों ने कल्याण विभाग से की शिकायत, की ग्राम प्रधान को हटाने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में कुल 29 घर हैं और करीब 140 जनसंख्या है. इसके बावजूद सिर्फ 22 लोगों के हस्ताक्षर फर्जी ग्रामसभा में हैं, जो ग्रामसभा के नियम के विरुद्ध है. ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत दुमका जिला के कल्याण विभाग में भी की है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द विभाग की निगरानी में पुन: ग्रामसभा कर लाभुक समिति का गठन नहीं करवाया जाता है, तो मोड़े मंझी कर काम को ग्रामीण बंद करवा देंगे. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में भी शिकायत करने की बात कही. ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को भी हटाने की मांग की है. इस मौके पर कविता देवी, मंगल मुर्मू, चंद्रमुनी मरांडी, नोरे मुर्मू, होपना मुर्मू, दिनेश सोरेन, छोटा बुधराय मुर्मू, बड़का सोरेन, श्यामलाल सोरेन, रुबिलाल सोरेन, बेटी मुर्मू, खुशबू मुर्मू, सुकलाल सोरेन, अंजिला टुडू, वलके हेम्ब्रोम, तालाकुड़ी हेम्ब्रोम, शिवचरण सोरेन, करमेवा सोरेन आदि उपस्थित थे.

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