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आरोप-प्रत्यारोप बंद करें उपराज्यपाल और सीएम, दिल्ली के विकास पर दें ध्यान : माकन

सुप्रीम कोर्ट का फैसला जनता की जीत : आप

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New Delhi : दिल्ली में सरकार चलाने से जुड़ी शक्तियों को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि अब उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरोप-प्रत्यारोप बंद कर राष्ट्रीय राजधानी के विकास पर ध्यान देना चाहिए जैसे कि हमने 15 वर्षों तक किया था. माकन ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में शक्तियों की स्थिति को स्पष्ट कर दिया है. अब हम आशा करते हैं कि दिल्ली में कांग्रेस के सत्ता के बाहर होने के बाद से जो विकास कार्य रुका हुआ था वह आगे बढ़ सकेगा.

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उप राज्यपाल के बपास स्वतंत्र फैसला करने का अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है कि वो बिल्कुल साफ है. अगर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल साथ काम नहीं करेंगे तो समस्याएं आएंगी. कांग्रेस ने 15 सालों तक काम किया लेकिन कोई समस्या नहीं आई. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास स्वतंत्र फैसला करने का अधिकार नहीं हैं और उन्हें मंत्रिपरिषद की सहायता से और सलाह पर काम करना होगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा कि उपराज्यपाल अवरोधक के तौर पर कार्य नहीं कर सकते.

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आप ने फैसले को बताया जनता की जीत

वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आम आदमी पार्टी ने जनता की अपेक्षाओं की जीत बताते हुए फैसले का स्वागत किया है. आप के राज्यसभा सदस्य और पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि जनता उसके हित के लिए काम करने की उम्मीद से सरकार चुनती है, लेकिन दिल्ली में चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दिए जाने से जनता निराश थी, सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिल्ली की जनता की जीत है.

दिल्ली में उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करने को बाध्य है

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मौजूदा संवैधानिक प्रावधानों के हवाले से कहा कि दिल्ली में उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करने को बाध्य है. सिर्फ भूमि, कानून व्यवस्था और वित्त मामलों में दिल्ली सरकार के बजाय केंद्र सरकार के पास प्रभावी अधिकार है. अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी नेता राघव चड्ढा ने कहा कि फैसले से साफ है कि जमीन, पुलिस और कानून व्यवस्था दिल्ली सरकार के अधीन नहीं है. इन तीन विषयों को छोड़कर, चाहे वो बाबुओं के तबादला का मसला हो या अन्य मामले हों, वे सब अब दिल्ली सरकार के अधीन आ जाएंगे.

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फैसले पर आप नेता का ट्वीट

आप नेता दिलीप पांडे ने ट्वीट कर कहा कि बधाई हो, दिल्ली. आप की जीत हुई, दिल्ली की जीत हुई, सुप्रीम कोर्ट ने जनतंत्र को सर्वोच्च रखा. जनता के अधिकारों के सम्मान का दिन है. पांडे ने इसे अहंकार की हार बताते हुए कहा कि अब फाइलें एलजी दफ्तर के बेवजह चक्कर लगाकर दम नहीं तोड़ेंगी. सेवा सम्बंधी मामले में भी एलजी का हस्तक्षेप खत्म. उन्होंने कहा कि अब जनता का शासन होगा, घर घर राशन होगा, सीसीटीवी कैमरा भी होगा, मोहल्ला क्लिनिक इत्यादि भी समय से बन सकेंगे. संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि न्यायपालिका ने लोकतंत्र के स्तम्भ को मजबूत किया, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साबित हो गया कि देश आम आदमी के वोट से चलेगा, लाट साहेब के डंडे से नही.

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