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दो देवरों पर चार साल तक महिला के साथ दुष्कर्म करने व जहर खिलाकर मारने के प्रयास का आरोप, पीड़िता  सदर अस्पताल में  भर्ती

Giridih : दुष्कर्म की शिकार पीड़िता को उसके दोनों आरोपी देवरों ने शनिवार दोपहर करीब तीन बजे जबरन जहर खिलाकर मारने का प्रयास किया.  जहर पीड़िता के शरीर में फैल पाता, इसे पहले पीड़िता ने फोन पर अपने ससुर और दिल्ली में रह रहे पति को पूरे मामले की जानकारी दी और यह भी बताया कि आरोपी उसके दोनों चचेरे देवर कुलदीप मंडल व मोहन मंडल लगातार चार सालों तक उसकी अस्मत लूटते रहे.

दोनों देवरों द्वारा चचेरी भाभी के साथ किये गये इस कुकृत्य का खुलासा शनिवार को हुआ, जब दोनों ने भाभी को जबरन जहर खिलाया. लेकिन दोनों आरोपी और पीड़िता के बीच ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने पीड़िता को जहर देकर उसकी हत्या का प्रयास किया? फिलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है.  हालांकि घटना के बाद अब तक संभवत मुफ्फसिल थाना पुलिस को घटना की जानकारी नहीं हो पायी है,  जिसते पुलिस सदर अस्पताल पहुंच कर मामले में तहकीकात कर सके.

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शादी के कुछ दिनों बाद पति दिल्ली कमाने चला गया

घटना गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के जोभी गांव की बतायी जा रही है. जहां शनिवार की दोपहर पीड़िता अपने घर में ही मौजूद थी, इसी दौरान गांव के मोहन मंडल और कुलदीप मंडल पीड़िता का घर पहुंचे, और जबरन उसे जहर खिलाकर दोनों फरार हो गये. फोन पर जानकारी देकर पीड़िता ने ससुर को घर बुलाया.  जहां बहू की स्थिति खराब देखकर ससुर ने अपने चचेरे भाई के सहयोग से बहू को सदर अस्पताल पहुंचाया.जहां पीड़िता का इलाज तो चल रहा है. लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है.

बताया जा रहा है कि चार साल पहले पीड़िता की शादी जोभी गांव में हुई थी.  शादी के कुछ दिनों बाद ही पीड़िता का पति दिल्ली कमाने चला गया था.  जिसका फायदा उठाकर दोनों आरोपी  पीड़िता का चार सालों तक दुष्कर्म करते रहे. दोनों आरोपियों द्वारा लगातार चार सालों तक दुष्कर्म के बाद  पीड़िता क्यों चुप रही, फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है? लेकिन शनिवार को जब दोनों ने उसकी हत्या का प्रयास किया, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ.

इधर अस्पताल में भर्ती पीड़िता का इलाज भी भगवान भरोसे ही किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार सिर्फ स्लाईन चढ़ाकर नर्स पीड़िता के जहर को कम करने के प्रयास में है.  अस्पताल में सिर्फ नर्स  और स्वास्थ कर्मी ही दिखे.  कोई चिकित्सक नजर नहीं आया, जो बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को कहीं रेफर भी कर सके.

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