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Jamshedpur : सरकार को अस्थिर करने के सारे हथकंडे हो रहे फेल, हमारी नीयत साफ, झारखंड का विकास ही लक्ष्य : हेमंत सोरेन

Jamshedpur : झारखंड की सरकार को अस्थिर करने के लिए सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, बावजूद इसके विरोधी ताकतें अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो पा रही है. क्योंकि उनकी नीयत में खोट है, जबकि हमारी नीयत बिल्कुल साफ है. हमें सत्ता का मोह नहीं है. झारखंड का चौतरफा विकास ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है. यह बातें राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कही. वे कदमा स्थित उलियान में निर्मल महतो की शहादत दिवस  समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. इसके बाद बारी-बारी से सभी मंत्रियो एवं विधायकों ने उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

कहा-राज्य की जनता को बरगलाना आसान नहीं

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हाल के महीनो में कुछ ताकतें सरकार को बदनाम करने के साथ अस्थिर करने की कोशिशों में लगातार जुटी हुई है. इसे लेकर कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. बावजूद इसके उनकी मंशा बार-बार नाकामयाब हो रही है. इसकी एकमात्र वजह राज्य के विकास के प्रति हमारी मंशा साफ होना ही है. झारखंड का उत्थान कैसे हो और यहां के लोगों की जीवन शैली कैसे बेहतर हो, इसकी हमें चिंता है. हम वैमनस्यता फैलाने की राजनीति नहीं करते हैं, जबकि विरोधी ताकतें कभी हिंदू-मुसलमान तो कभी आदिवासी-महतो या आदिवासी और गैर आदिवासी की लड़ाने की नीति अपनाती रहती है. ताकि उसी के बल पर झारखंड में राज किया जा सके. पर राज्य की जनता को बरगलाना इतना आसान नहीं है. जनता काफी समझदार है. राज्य के लोग इन बातों को अच्छी तरह से समझते हैं कि कौन राज्य के हित में काम कर रहा है और कौन सी ऐसी ताकतें हैं जो उन्हें बरगलाकर सत्ता पर काबिज होना चाहती है. इसलिए सरकार को अस्थिर करने की सारी साजिशें नाकाम हो रही है.

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पूर्ववर्ती सरकारें रही निशाने पर, कहा-शहीदों के बल पर मिला झारखंड  

इस दौरान मुख्यमंत्री के निशाने पर राज्य की पूर्ववर्ती सरकारें रही. उन्होंने कहा कि 20 वर्षों में पूर्ववर्ती सरकारों ने राज्य को खोखला बना दिया. जबकि, सच्चाई यह है कि झारखंड राज्य की लड़ाई में आदिवासी-मूलवासियों ने खून पसीना बहाया और शहीद हुए. उनकी शहादत पर ही हमें अलग झारखंड राज्य मिला है. हम उनकी शहादत को सलाम करते हैं. राज्य को लूटने से बचाने के लिए वर्ष 2019 में हमनें परिवर्तन की लड़ाई लड़ी, जिसमें झारखंड की जनता के सहयोग से कामयाबी मिली. हालांकि सरकार बनते ही कोरोना संक्रमण का दौर आ गया. फिर  भी सरकार पूरी मजबूती से राज्य की जनता के साथ खड़ी रही. अब झारखंड विकास की रफ्तार पकड़ रहा है. सभी वर्गों के लिए योजनाएं बन रही हैं. योनजाओं का क्रियान्वयन हो रहा है.

डबल इंजन की सरकार को जमकर कोसा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व की भाजपा की सरकार को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार होने का दंभ भरते हुए विकास की गति तेज करने की बात करती थी, लेकिन जमीनी हकीकत यह थी कि उस सरकार को गरीबों की चिंता तक नहीं थी. लोग खाद्यान्न के अभाव में भूख से मरने को विवश थे. उस दौरान कई मौतें हुई थी. दूसरी ओर कोरोना जैसी महामारी से जूझने के बाद भी हमनें किसी को भूख से मरने नहीं दिया. पूरा प्रशासनिक अमला रात-दिन सड़कों पर रहकर लोगों की सेवा में तत्पर रहा. नतीजा यह निकला कि कोरोना संक्रमण काल में झारखंड दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बनकर उभरा. यहां से जीवनरक्षक ऑक्सीजन पूरे देश को भेजा गया, जिससे लोगों की जान बचायी जा सकी.

इन्होंने भी सभा को किया संबोधित

कार्यक्रम में राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, समाज कल्याण एवं बाल विकास मंत्री जोबा मांझी, विधायक संजीव सरदार, मंगल कालिंदी, सविता महतो, रामदास सोरेन और समीर मोहंती के अलावा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान समेत अन्य ने नेताओं ने भी अपने विचार रखें.

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