न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जाम में फंसे डीसी साहब तो उठवा ली गयी नो पार्किंग में खड़ी सभी गाड़ि‍यां

429

Ranchi: रांची के कचहरी चौक के पास अमूमन आप जाम में फंस ही जाते होंगे. वजह है वहां सड़क पर नो पार्किंग जोन पर खड़ी गाड़ियां. जाम में फंसने के बाद आप सिर्फ जाम खत्म होने का इंतजार कर सकते हैं. चाह कर भी अपने मन मुताबिक जाम हटा नहीं सकते. लेकिन ऐसा सिर्फ आम जनता के साथ ही होता है.

अगर यही वाक्या किसी बड़े पदाधिकारी और नेता के साथ हो जाए तो वही होता है जो सोमवार को डीसी ऑफिस के पास हुआ. देखते ही देखते जाम खत्म हो गया. नौ गाड़ियों को सीज कर लिया गया.

इसे भी पढ़ें: रांची में अपराधी दिला रहे हैं जमीन पर कब्जा, हो चुकी हैं कई हत्याएं

hosp3

और जब फंसे डीसी सर…

रांची समाहरणालय में ‘दिशा’ की बैठक होने वाली थी. दिशा की बैठक में शामिल होने के लिए तमाम जनप्रतिनिधि और साहबगण समाहरणालय पहुंच रहे थे. लेकिन पब्लिक जो रोज ही डीसी कार्यालय के पास नो पार्किंग में अपनी गाड़ियां खड़ी करती है. उन्हें इस बात का इल्म ही नहीं था कि थोड़ी देर में उन्हें चालान भरना पड़ सकता है.

डीसी साहब का लश्कर रांची समाहरणालय के पास पहुंचा तो वहां खचाखच गाड़ियां भरी हुईं थी. जाम में डीसी सर फंस गए. फिर क्या था, सीधा निगम का फोन घनघनाने लगा. आखिर मामला जिले के सबसे बड़े अधिकारी से जुड़ा हुआ था. जो निगम हर जगह देरी से पहुंचता है वो फट से जैसे करंट की रफ्तार से पहुंच गया. डीसी सर को जगह बना कर अंदर दाखिल होने देने का रास्ता बनाया गया.

इसे भी पढ़ें: JSIA के सर्वे में 91 फीसदी लोगों ने कहा, बिजली की स्थिति बदतर, अधिकारी हैं कि मिलते तक नहीं

11 गाड़ि‍यां सीज, चालान 2000 रुपए का कटा

पान और गुटखा-शरबत भर जेब में पैसा लेकर डीसी ऑफिस पहुंचने वालों को खबर ही नहीं थी कि आज दो सौ रुपए का गच्चा लगने वाला है. आनन-फानन में निगम का धावा दल रांची समाहरणालय के पास खड़ी गाड़ियों को उठा-उठा कर ट्रक में लादने लगा. जिसने किच-किच की उसका चालान कटा.

खबरों की मानें तो 11 गाड़ियों का 2000 रुपए चालान कटा. जिनका चालान कटा उन्हें यह बात आज पूरी तरह समझ में आ गयी कि साहब और उनमें क्या फर्क है. भले दूसरे दिन वो फिर से अपनी गाड़ियां वहीं खड़ी करें. लेकिन इस बार वो सावधान जरूर रहेंगे. इस बीच सवाल उठता है कि धावा दल ने आज ही धावा क्यों बोला.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: