JharkhandRanchi

भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तारी के खिलाफ रांची में निकला सर्वदलीय विरोध मार्च

Ranchi : देश में भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में बुद्धिजीवियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में रांची में सर्वदलीय विरोध मार्च किया. यह मार्च रांची विश्वविद्यालय से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकला गया, जिसमें बड़ी संख्या में विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और नेताओं के साथ-साथ बुद्धिजीवियों व समाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. इसमें कहा गया कि वे देश के विभिन्न प्रांतों में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों, जो सरकार एवं सत्ताधारी दल की आलोचना करते रहे हैं, के घरों पर पुलिस के छापों से हतप्रभ एवं आहत हैं. सुधा भारद्वाज, वेरनन गोंसाल्विस, गौतम नवलखा, वरवरा राव, अरुण फरेरा एवं अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से सरकार उन लोगों को आतंकित करने का प्रयास कर रही है, जो वंचितों के न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. इस दौरान झारखंड में 20 सामाजिक कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का मुकदमा एवं फादर स्टेन स्वामी के आवास पर की गयी छापेमारी की निंदा की गयी.

इसे भी पढ़ें- लोकतांत्रिक ढंग से उठायी गयी आवाज को दबाना चाहती है सरकार : झारखंड नागरिक समाज

दमनकारी बन गयी है सरकार

विरोध मार्च में समाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कहा वर्तमान सरकार पूरी तरह से दमनकारी बन गयी है. देश और राज्य में असहमति की आवाज को दबाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों पर झूठे मुकदमे कर उन्हें गिरफ्तार कर रही है तथा उन्हें देशद्रोही कह रही है. यह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है. आज देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है, जहां असहमति के लिए कोई जगह नहीं है. जब कोई जनता की आवाज उठाता है, समाज की बात करता है, सरकार की अलोकतांत्रिक व अनैतिक नीतियों से असहमत होता है और उसका विरोध करता है, तो सरकार विभिन्न हथकंडे अपनाकर उन्हें परेशान करती है और उन्हें डराने की कोशिश करती है. वर्तमान समय में राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों व आम जनता को लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसी दमनकारी व तानाशाही सरकार के खिलाफ एकजुट होकर उसे सत्ता से बाहर फेंकने की जरूरत है.

Telegram
Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close