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धान क्रय केंद्र की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा ने शुरू किया अनशन

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Palamu: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अविलंब धान खरीददारी की गारंटी, क्रेय केंद्र को साल भर खोल, किसानों को लाभ पहुंचाने जैसी मांगो को लेकर पांकी(पलामू) में किसानों की दो दिवसीय अनशन गुरूवार को शुरू हुई. अनशन के दौरान लोगों ने कहा कि एक तरफ देश की सरकार गगन चुंभी मूर्तियां बनाने में हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है वहीं दूसरी तरफ देश का अन्नदाता किसान, कर्ज में बोझ में दबा हुआ, कभी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं . जब कुछ नहीं होते दिखता तो मौत को गले लगाने को मजबूर हैं. 04 अक्टूबर 2018 को पांकी (पलामू) प्रखंड कार्यालय के समक्ष सैंकड़ों किसानों ने, धान क्रय केंद्र समय से खोलने व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदारी की गारंटी करने के मांग पर, एकदिवसीय धरना दिया था. किसानों का कहना था कि‍ धान क्रय केंद्र मार्च-अप्रैल के महीने में खुलते हैं,  हमें नये फसल करने के लिए और अन्य कामों के लिए, कटनी के बाद तत्काल पैसे के आवश्यकता होती है, इसलिए हमलोग धान स्थानीय व्यापारियों को औने पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं. ऐसे में अगर धान का क्रय केंद्र धान की कटनी के समय खुले तो किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा मिलेगा.

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नहीं मिल रहा समर्थन मूल्‍य का पूरा लाभ

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धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1900(1750₹ केंद्र + 150₹ राज्य) रुपये प्रति क्विंटल तय है जो स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों के आधार पर पहले ही कम है.  इस साल बारिश कम होने की वजह से हमारे क्षेत्र के किसान पहले से मौसम की मार झेल रहे हैं, उन्हें फसल पैदा होने के बाद बाजार की मार ना झेलनी पड़े. उसके लिए सरकार को अविलम्ब प्रत्येक पंचायत में धान/फसल क्रय केंद्र खोल, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीददारी की गारंटी करनी चाहिये. पांकी के किसानों को अभी तक साल 2015-2016 व 2016-2017 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना द्वारा कराये गये बीमा का भुगतान भी नहीं हुआ है.

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