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2024 तक सभी टोलों और बसावटों में पाइप से होगी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति

Ranchi: पेयजल व स्वच्छता विभाग मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि विभाग की ओर से घर-घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए कई योजनाएं लागू हैं. वर्ष 2024 तक राज्य के सभी टोलों और बसावटों में पाइप जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और राज्य के 34.77 प्रतिशन क्षेत्र में पाइप जलापूर्ति योजनाओं को पहुंचाने में सफलता मिल चुकी है. आदिम जनजाति बहुल क्षेत्रों में सितंबर 2019 तक शुद्ध पेयजलापूर्ति उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा आधारित 2251 लघु जलापूर्ति योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. वहीं, वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में शामिल मुख्यमंत्री जन जल योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बहुल टोलों के लिए स्वीकृत 11124 लघु जलापूर्ति योजनाओं में से 8094 योजनाओं का कार्य चालू हो चुका है. वे सूचना भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे.

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उन्होंने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट् (डीएमएफटी) के अंतर्गत रामगढ़, धनबाद, बोकारो, चतरा, पश्चिमी सिंहभूम और गोड्डा में 82 पाइप जलापूर्ति योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है. इस योजना के तहत 25.90 लाख जनसंख्या को पेयजल मुहैया कराया जाना है. लोगों को शुद्य पेयजल आपूर्ति पर सरकार का विशेष जोर है. इसी के मद्देनजर सभी 24 जिलों तथा 5 उप प्रमंडल स्तर पर जल जांच प्रयोगशाला सुचारू रूप से चल रही है.

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समय से पहले ही झारखंड हुआ ओडीएफ

पेयजल व स्वच्छता मंत्री रामचंद्र सहिस ने बताया कि झारखंड ने लक्ष्य हासिल करने के लिए मिले समय से पहले ही खुले में शौच से मुक्त घोषित होकर एक नया कीर्तिमान बनाया है. पिछले साल 15 नवंबर को पूरे झारखंड को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है. इस दौरान राज्य के ग्रामीण इलाकों में 33.74 लाख शौचालय का निर्माण कराया गया. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में व्यक्तिगत गृह शौचालयों के मामले में 100 परसेंट उपलब्धि हासिल हो चुकी है. राज्य में व्यक्तिगत शौचालय युक्त घरों की कुल संख्या लगभग 39.93 लाख है, वहीं 29,564 ग्राम ओडीएफ घोषित हैं.

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए स्वच्छता संकल्प अभियान, स्वच्छता सहयोग अभियान, गड्ढा खोदो अभियान और सामान पहुंचाओ जैसे अभियान चलाये गये. स्वच्छता संकल्प अभियान से एक लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों व ग्राम संगठनों को जोड़ा गया. इस अभियान में 15 लाख महिलाएं शामिल हुईं और 55 हजार से अधिक महिलाओं ने राजमिस्त्री के रूप में कार्य करते हुए 3.5 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा किया. इस अभियान को पूरे देश में सराहा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम में इसकी सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसे अनुसरण करने की सलाह दी.

प्रत्येक माह की 19 तारीख है स्वच्छता दिवस

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. इसके अंतर्गत हर माह की 19 तारीख को सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता दिवस और हर माह की 2 तारीख को ग्राम स्तर पर स्वच्छता सभा का आयोजन होता है. जिसमें तरह-तरह की गतिविधियों के जरिए स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है.

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