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गिरफ्तार सभी पारा शिक्षकों को बेल,10-10 हजार निजी मुचलके पर मिली जमानत

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Ranchi: झारखंड के 18 वें स्थापना दिवस के अवसर पर मोरहाबादी में हुए आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद गिरफ्तार हुए सभी पारा शिक्षकों को जमानत मिल गयी है. प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत में सुनवाई के दौरान इन्हें जमानत मिली. जमानत 10-10 हजार के निजी मुचलके पर दी गयी है. अदालत ने बाद में गिरफ्तार सात पारा शिक्षकों की अगुवाई करने वाले नेताओं को जमानत नहीं दी है. कुछ पारा शिक्षकों ने अदालत में कहा कि उन्हें नेताओं ने बहला-फुसला कर कार्यक्रम में शामिल होने को कहा था. उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा.

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क्या था मामला

बता दें कि झारखंड स्थापना दिवस 15 नवंबर के दिन गुरुवार को मोरहाबादी मैदान में राज्य के पारा शिक्षकों के उग्र प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री को प्रदर्शन के दौरान काला झंडा दिखाने के मामले में रांची पुलिस ने 280 पारा शिक्षकों को शुक्रवार (16 नवंबर) शाम जेल भेज दिया था. इनमें 33 महिला पारा शिक्षिकाएं भी शामिल थीं. पुलिस ने पारा शिक्षकों पर आठ धाराएं लगायी हैं. उनपर धारा 144, 341, 342, 323, 307, 353, 337 और 338 लगा था. पारा शिक्षकों को होटवार स्थित बिरसा करावास भेजा गया था.

इससे पहले 34 पारा शिक्षकों को मिली थी बेल

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गिरफ्तार 280 पारा शिक्षकों में से 34 को 28 नवंबर को जमानत मिली थी. रिहा किये गये 34 पारा शिक्षकों में से एक पुरूष शिक्षक और 33 महिलाएं थीं. इन सभी को प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत से जमानत मिली थी. सभी पारा शिक्षकों को 10-10 हजार रूपए के निजी मुचलके पर बेल दी गयी थी. इससे पहले 22 नवंबर को याचिका खारिज हुई थी. बेल पिटिशन पर लोअर कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी कुमार विपुल की अदालत ने 33 महिला पारा शिक्षिकाओं सहित कुल 37 लोगों की ओर से दाखिल जमानत पर सुनवाई की और उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था.

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