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बोकारो में अलमेंडाजोल खाने से सात बच्चे हुए बीमार, सदर अस्पताल में भर्ती

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Bokaro : शहर से सटे सतनपुर पंचायत के बाघरायबेड़ा गांव के सात बच्चे स्कूल और आंगन बाड़ी केंद्र में कृमि मारने की दवा अलमेंडाजोल खाने से बीमार हो गये हैं. जिसके बाद सभी बच्चों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां चिकित्सकों की देख-रेख में उनका इलाज शुरू हो गया है, हालांकि चिकित्सकों ने बच्चों की स्थिति सामान्य बतायी है और उन्हें अपने निगरानी में रखे हुए है, ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके.

तीन दिन पूर्व स्कूल में दी गयी थी  दवा

बच्चों की तबियत खराब होने की सूचना अभिभावकों को शाम के करीब तीन बजे हुआ, जब गांव के आधे दर्जन बच्चे बुखार और सर दर्द से परेशान अपने अभिभावकों की इसकी जानकारी दी. बच्चों के अभिभावकों के अनुसार उन्हें तीन दिन पूर्व स्कूल में दवा दी गयी थी.  उस दिन से ही उनकी तबियत खराब हो चली थी, लेकिन लोगों को लग रहा था कि एक-दो दिन में ठीक हो जायेगा. लेकिन अचानक आज दोपहर में एक-एक कर सभी बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी. उसके बाद गांव के लोगों ने एंबुलेंस से सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया.

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ये बच्चे है सदर अस्पताल में इलाजरत

निरंज कुमारी (8), पिता- रमेश्वर मांझी, देव हेम्ब्रम(3), पिता-रामेश्वर मांझी, धर्मेंद्र सोरेन(5), पिता रजेना सोरेन, सोनिया कुमारी (8), पिता राजेना सोरेन, रेखा कुमारी(8), पिता बालेश्वर मांझी, संजय सोरेन(10), माता- हेमंती देवी, विष्ण मुर्मू(9), पिता प्रवीर कुमार इलाजरत है. वहीं सोहानी कुमारी (6), पिता सीताराम हेम्ब्रम का इलाज निजी नर्सिंग होम में चल रहा है.

चिकित्सक ने कहा सभी बच्चों की स्थिति सामान्य

सदर अस्पताल में बच्चों का इलाज कर रहें डॉ ज्योति लाल ने कहा कि बच्चों को अभी बुखार है, उम्मीद लगायी जा रही है कि सभी बच्चे खाली पेट में ही दवा सेवन कर लिये होंगे. जिस वजह से यह स्थिति हो गई है. लेकिन सभी को लगातार आब्‍ज्रवर किया जा रहा है. उम्मीद है कि एक-दो घंटे में स्थिति में सुधार हो जायेगी.

अस्पताल में लग गया है ग्रामीणों की भीड़

बच्चों को लेकर सदर अस्पताल 108 एंबुलेंस पहुंची. उनके पीछे सभी बच्चों के अभिभावकों के साथ कई ग्रामीण भी पहुंचे. वहीं स्कूल के पारा शिक्षक पारो देवी और आंगनबाड़ी की सेविका सुनीता कुमारी भी पहुंचे. दवा खिलाने के बाद बीमार हुए बच्चे के अभिभावक काफी आक्रोशित भी थे, चिकित्सकों के समझाने पर सभी शांत हुए.

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