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अल कायदा मौका पाते ही भारत में आतंक मचाने की कोशिश करेगा : यूएन

यूएन ने अल कायदा और आईएसआईएस को भारत और मध्य एशियाई देशों के लिए खतरा बताते हुए एक रिपोर्ट जारी की है

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 Washington : यूएन ने अल कायदा और आईएसआईएस को भारत और मध्य एशियाई देशों के लिए खतरा बताते हुए एक रिपोर्ट जारी की है  रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी संगठन अल कायदा भारत में हमले तेज करने की साजिश रच रहा है. अल कायदा अपने नये संगठन अल कायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट को इस काम में लगा चुका है. कहा गया है कि यह संगठन भारत के अंदर हमले करने की पूरी कोशिश कर रहा है,  लेकिन कड़ी सुरक्षा होने के कारण संगठन की हर कोशिश नाकाम हो रही है. बता दें कि रिपोर्ट में इस्लामिक स्टेट इन इराक ऐंड लेवंत (आइएसआइएल) का भी जिक्र किया गया है.

खबरों के अनुसार यह रिपोर्ट ऐनालिटिकल सपॉर्ट ऐंड सैंक्शन मॉनिटरिंग टीम ने यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल अल कायदा सैंक्शन कमेटी को सौंपी है.  मॉनिटरिंग टीम इस्लामिक स्टेट, अल कायदा आदि संगठनों की जानकारी की एक रिपोर्ट हर छह महीने में देती है.  रिपोर्ट के अनुसार आतंकी संगठन इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब सुरक्षा में कोई चूक हो और  वे  इसका फायदा उठा लें.

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अलकायदा के प्रमुख सदस्य अफगानिस्तान-पाकिस्तान  बॉर्डर के आसपास मौजूद हैं

रिपोर्ट कहती है कि अल कायदा भले ही कमजोर हुआ हो लेकिन अब भी साउथ एशिया में उसकी जड़े जमी हुई हैं.  वह भारत में हमला करने के लिए लोकल सपॉर्ट की तलाश में है.  अलकायदा के कुछ प्रमुख सदस्य अयमान अल जवाहिरी और ओसामा बिन लादेन का बेटा हमजा बिन लादेन अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बॉर्डर के आसपास इलाकों में मौजूद हैं. अन्य सदस्य भी किसी महफूज जगह छिपे हुए हैं  रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में हुए एक हमले में भी इस संगठन का हाथ था. आइएसआइएल फिलहाल अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार, नंगारहर और नूरिस्तान के साथ-साथ उत्तर के फरीयाब, सारी पुल और बदाखशन प्रांत में वह ऐक्टिव है.

अब वह गजनी, कुंडुज, लागहमान, लोगार और उरुजगन में खुद को फैला रहा है.  काबुल, जलालाबाद और हेरात में उसके स्लीपर सेल पहले से मौजूद हैं जो कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं.  रिपोर्ट के अनुसार आइएसआइएल के लगभग 3500 से 4000 आतंकी हैं.  इनका प्रमुख अबु सय्यद बाजुरी है, जो खबरों में नहीं रहता.

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