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#AJSU : रोजगार खोजने के लिए प्रतिमाह 2100 रुपये के प्रोत्साहन भत्ते के संकल्प को युवाओं ने सराहा

Ranchi : एनडीए से अलग हो कर चुनाव लड़ने के फैसले के बाद आजसू पार्टी का विस्तार राज्य के सभी जिलों में होता दिख रहा है.

झारखंड में युवाओं की बड़ी फौज आजसू पार्टी में दिखती है. सभी जाति, धर्म और समुदाय के युवाओं का जुड़ाव आजसू पार्टी में निरतर हो रहा है. पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष की ओर से लगातार राज्य की दशा बदलने और युवाओं को रोजगार देने की बात सभाओं में कही जाती रही है.

पार्टी की ओर से जारी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में युवाओं को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गयी है.

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आजसू के सकल्प पत्र को कैसे देखते हैं युवा?

आजसू पार्टी के संकल्प पत्र में प्रोत्साहन भत्ता को लेकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे सिल्ली के युवा अंजन महतो कहते हैं- पलायन और बेरोजगारी से जूझ रहे झारखंड के युवाओं का मर्म समझते हुए पार्टी की ओर से बेरोजगार युवाओं को पांच साल प्रोत्साहन भत्ता देने की घोषणा संकल्प पत्र में की गयी है.

स्नातक पास करने वाले हर युवा को रोजगार खोजने के लिए प्रतिमाह 2100 रुपये प्रोत्साहन भत्ता दिये जाने से युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी.

73 फीसदी आरक्षण के संकल्प से युवाओं में जागी उम्मीद

दुमका के संदीप भगत कहते हैं- 73 फीसदी आरक्षण लागू होने से सरकारी नौकरियों में बाहरी लोगों की भर्ती पर रोक लगेगी. प्लस टू स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति में बाहरी लोगो का बोलबाला रहा. राज्य के बेरोजगार युवाओं को नौकरी में अधिक हिस्सेदारी मिलेगी.

पार्टी के घोषणा पत्र में कहा गया है कि राज्य में 73 फीसदी आरक्षण लागू होगा. इसमें अनुसूचित जनजाति को 32 फीसदी, अनुसूचित जाति को 14 फीसदी और पिछड़ों को 27 फीसदी आरक्षण देगी. साथ ही आजसू पार्टी के सकल्प पत्र में क्लास फोर और क्लास थ्री की सभी नौकरियां स्थानीय को ही देने का वादा आदिवासी क्षेत्र के युवाओं के बीच चर्चा का केन्द्र है.

नौकरी उन्हें ही मिलेगी जिनके पूर्वज का पिछले सर्वे में रिकॉर्ड है. यह घोषणा 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीयता तय करने के आंदोलन को बल देने वाली है. इसकी सराहना रांची विश्वविद्यालय के सुनीता, राजेश मुंडा, राजीव मुंडा जैसे युवाओं ने भी की है.

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‘आदिवासी-मूलवासी की भूमि हड़पने वालों पर कार्रवाई की बात की जाती तो अच्छा होता’

पार्टी के घोषणा पत्र में सीएनटी-एसपीटी एक्ट को और मजबूत करने की बात की गयी है. इस पर गुमला के बिनोद खाखा ने कहा- पार्टी की ओर से संकल्प पत्र में यह कहा जाता कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई दो सालों में की जायेगी तो बेहतर होता क्योंकि आदिवासी भूमि पर कब्जा लगातार हो रहा है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है.

आंगनबाड़ी सेविकाओं और पारा टीचरों को उचित सम्मान देने की बात पर झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष बालमूकुंद सिन्हा कहते हैं- सम्मान देने की बात पार्टी के द्वारा की जा रही है लेकिन क्या और कितना, यह स्पष्ट नहीं है.

आजसू पार्टी के पदाधिकारियों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यूनियन समर्थन का निर्णय लेगा. आजसू पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी सेविकाओं और पारा टीचरों समेत अनुबंध या मानदेय पर काम करने वालों को भी उचित सम्मान देने की बात कही है.

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