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आजसू पार्टी ने सरकार से की पिछड़ों के लिए आजीवन वैधतावाला जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की मांग

Ranchi : आजसू पार्टी ने राज्य सरकार से पिछड़ों के लिए आजीवन वैधतावाला जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने की मांग की है. केंद्रीय कार्यालय, रांची में बुधवार को आयोजित अखिल झारखंड पिछड़ा वर्ग महासभा के राज्यस्तरीय सम्मेलन के दौरान पार्टी प्रमुख सुदेश कुमार महतो ने कहा कि वर्तमान समय में पिछड़ों के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति पर मंथन जरूरी है. पिछड़ों को उनकी आबादी अनुसार आरक्षण सुनिश्चित हो. आरक्षण कोई भीख या मांग नहीं बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है.

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सम्मेलन के दौरान प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए जीवनपर्यंत वैधता वाला जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है. यही सुविधा पिछड़ों के लिए भी हो.

सम्मेलन में आजसू पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस, केंद्रीय महासचिव लंबोदर महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष कुशवाहा शिवपूजन मेहता, केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत शामिल थे. साथ ही अखिल झारखंड पिछड़ा वर्ग महासभा के सभी जिलास्तरीय एवं प्रखंडस्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे.

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पिछड़ों के हितों पर सरकार उदासीन

सुदेश महतो ने कहा कि सामाजिक न्याय मार्च के जरिये हमने पिछड़ों की मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया लेकिन सरकार इस विषय पर बिल्कुल भी गम्भीर नहीं. अब पिछड़ा वर्ग महासभा के सभी नेता एवं कार्यकर्ता अब राज्यपाल तक स्मार पत्र के माध्यम से पिछड़ों की आवाज पहुचायेंगे. सम्मेलन में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई.

सरकार से जातीय जनगणना कराये जाने, राष्ट्रीय मानक और झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसा के आधार पर पिछड़ों को आबादी अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किये जाने, प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण सुनिश्चित करने सहित अन्य मसलों पर प्रस्ताव पास किया गया.

आजसू पार्टी के मुताबिक जनगणना, नीतियां बनाने का एक प्रमुख आधार है. साथ ही जातीय आंकड़े आरक्षण की सीमाएं तय करने में भी ये अहम भूमिका निभाते हैं. पिछड़ा वर्ग महासभा राज्य सरकार से भी जातीय जनगणना कराने की मांग करती है.

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पार्टी के अनुसार झामुमो महागठबंधन की सरकार 29 दिसंबर को अपना दो वर्ष पूर्ण करने जा रही. चुनाव से पूर्व इन्होंने पिछड़ों को लेकर कई वादे किये थे.

इसमें पहली कैबिनेट में पिछड़ों को आरक्षण देने की बात भी थी. दो साल में कैबिनेट की कई बैठकें हुई लेकिन इस विषय पर कोई निर्णय तो दूर की बात है, चर्चा तक नहीं हुई.

सम्मेलन के दौरान प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा हुई. पार्टी के मुताबिक जिस तेजी के साथ सरकारी संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है, यह उचित वक़्त है कि प्राइवेट संस्थाओं में भी आरक्षण सुनिश्चित हो. पिछड़ा वर्ग महासभा सरकार से इस विषय पर मंथन करने की मांग करती है.

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Nayika

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