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NDA में रार ! हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह और रांची सीट पर आजसू का दावा- BJP के खाते में है चारों सीट

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  • महागठबंधन ही नहीं, एनडीए में भी है पेंच
  • हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा और रांची सीट पर है आजसू का दावा
  • चारों है बीजेपी की सीटिंग सीट, किनारा कर सकती है आजसू
  • आजसू का प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल जारी

Ranchi: सिर्फ विपक्षी दलों के महागठबंधन में ही पेंच नहीं है. एनडीए में भी रार और तकरार की चिंगारी सुलग रही है. आजसू ने लोकसभा की उन चार सीटों पर दावा ठोंका है जो भाजपा की सीटिंग सीट है. हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा और रांची सीट पर आजसू ने दावा किया है. फिलहाल हजारीबाग से बीजेपी के जयंत सिन्हा, गिरिडीह से रवींद्र पांडेय, चतरा से सुनील सिंह और रांची से रामटहल चौधरी सांसद हैं. इन चारों सीटों को लेकर आजसू का प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल जारी है. पार्टी सूत्रों की मानें तो आजसू सत्ता से चिपके रहने का कलंक भी धोना चाहती है. दूसरी तरफ पूरे राज्य में आजसू अपनी पहचान भी स्थापित करना चाह रही है. आदिवासी वोट बैंक पर भी आजसू की पैनी नजर है.

तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार भी तय

सूत्रों के अनुसार, आजसू ने तीन लोकसभा सीट हजारीबाग, चतरा और गिरिडीह में उम्मीदवारों का नाम भी तय कर लिया है. हजारीबाग से खुद कैबिनेट मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी किस्मत आजमायेंगे. गिरिडीह लोकसभा सीट से लंबोदर महतो को उतारा जा सकता है. गोमिया विधानसभा उपचुनाव में लंबोदर महतो झामुमो की उम्मीदवार बबिता देवी को कड़ी टक्कर दी थी. चतरा लोकसभा सीट से पवन कुमार साहू को उतारने की तैयारी है. रांची सीट को स्टैंडबाई में रखा गया है. इसके पीछे तर्क दिया गया है कि आजसू -बीजेपी के साथ सिर्फ रांची सीट पर ही समझौता कर सकती है.

चारों सीटों पर आजसू की रणनीति भी है तैयार

रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और चतरा सीट पर जीत हासिल करने के लिये आजसू की रणनीति भी तैयार है. रांची सीट पर 67 हजार बूथ एजेंट बनाने का लक्ष्य रखा गया है. 20, 21 और 22 फरवरी को लोकसभा सम्मेलन के जरिये आजसू अपनी ताकत भी दिखायेगी. गिरिडीह में जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर बूथ कमेटी बनाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. हर बूथ में 25 मेंबर बनाये जा रहे हैं. हजारीबाग सीट पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम खुद राज्य सरकार के मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी की देख-रेख में हो रहा है. चतरा सीट की मॉनिटिरिंग खुद आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो कर रहे हैं.

आजसू का प्रेशर पॉलिटिक्स भी जारी

आजसू ने सरकार के खिलाफ प्रेशर पॉलिटिक्स का भी खेल जारी रखा है. पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो कई बार खुले मंच से स्थानीय नीति पर विरोध जता चुके हैं. भूमि अधिग्रहण बिल पर आजसू को आपत्ति है. पार्टी ने जनसंवाद के माध्यम से सरकार को नियोजन नीति का भी ड्राफ्ट सौंपा था. इस मसलों को लेकर पार्टी ने एक लाख से अधिक पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री रघुवर दास को भेजा था. इसके अलावा पिछड़ों के लिए 73 फीसदी आरक्षण की भी मांग की है. जिसमें पिछड़ों को 27 फीसदी, अनुसूचित जनजाति को 32 फीसदी और अनुसूचित जाति को 14 फीसदी आरक्षण देने की मांग है.

क्या कहते हैं आजसू के केंद्रीय महासचिव

आजसू के केंद्रीय महासचिव हसन अंसारी के अनुसार, लोकसभा के लिये पूरी तैयारी की जा रही है. अगर बीजेपी के साथ सीटों को लेकर समझौता नहीं हुआ तो चारों लोकसभा सीट रांची, गिरिडीह, चतरा और हजारीबाग में आजसू अपना उम्मीदवार उतारेगी.

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