न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

सरकार की सहयोगी पार्टी आजसू ने बीजेपी के खिलाफ उगली आग, कहा- हर मोर्चे पर फेल हुई है बीजेपी सरकार

43

Ranchi : राज्य की बीजेपी सरकार की सहयोगी आजसू पार्टी रविवार को बीजेपी सरकार के ही खिलाफ आग उगलती दिखी. आजसू पार्टी महानगर की बैठक में पार्टी ने बीजेपी को हर मोर्चे पर फेल बताया. पार्टी के विधानसभा प्रभारी ललित नारायण ओझा ने बीजेपी सरकार और सरकार के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये. महानगर अध्यक्ष ललित नारायण ओझा ने कहा कि प्रशासनिक अक्षमता के कारण आज रांची नर्क बन चुकी है. ओझा ने कहा कि रांची नगर निगम में बिना पैसों के लेन-देन के कोई कार्य नहीं होता.  नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है. शहर में सड़के हैं, पर चलने लायक नहीं या अक्सर जाम ही रहती हैं. नाली है, लेकिन किसी काम की नहीं. करोड़ों रुपये खर्च कर शहर में पाइपलाइन एवं सीवरेज सिस्टम पर काम शुरू हुआ था, वह भी भगवान भरोसे ही चल रहा है. उन्होंने कहा कि नगर निगम से जन्म प्रमाणपत्र बनवाना हो या मकान के लिए नक्शा पास कराने का मामला, सभी में आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मृत्यु प्रमाणपत्र, जो एक गंभीर सर्टिफिकेट होता है, इसे भी बनवाने में लोगों को  समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है. रांची शहर में सड़क, नाली, तालाब, सफाई समेत कई ऐसे जनमुद्दे हैं, जिनमें सरकार विफल होती दिख रही है. ओझा ने कहा कि प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री विगत चार वर्षों से स्वच्छता का नारा लगा रहे हैं, लेकिन स्वच्छता मिशन का हाल राजधानी में कैसा है, यह जहां-तहां पसरी गंदगी ही बयां कर देगी. सरकार के पास न इच्छाशक्ति है, न दूरदर्शी सोच. इसका खामियाजा राज्य की जनता भुगत रही है.

eidbanner

राजधानी में महिलाएं नहीं हैं सुरक्षित

आजसू की महिला प्रदेश अध्यक्ष वायलेट कच्छप ने कहा कि राजधानी में महिलाएं असुरक्षित हैं. हर दिन महिलाओं और युवतियों के साथ कहीं न कहीं बलात्कार हो रहा है. अखबारों के माध्यम से प्रतिदिन ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं. युवतियों को अकेले चलने में भी डर लगता है. लेकिन, यहां की पुलिस व्यवस्था सिर्फ ट्रैफिक सुधारने में लगी है. वह भी सुधर नहीं पा रहा, आज तक शहर में काला शीशा लगी गाड़ियों पर शत-प्रतिशत रोक प्रशासन नहीं लगा पाया है.

हरमू नदी को संवारने की योजना भी फेल

आजसू के महानगर अध्यक्ष ज्ञान सिन्हा ने कहा कि 80 करोड़ की लागत से हरमू नदी को संवारने का काम शुरू हुआ था. लेकिन, बीच में ही यह फेल हो गया. आज हरमू नदी की स्थिति नाले से भी बदतर हो चुकी है. वहीं, शहर के जलाशयों, तालाबों को पानी संवर्धन के लिए नहीं, बल्कि ठेकेदारी के लिए कंक्रीट से भरा जा रहा है. पुराने तालाब आज जलविहीन हो चुके हैं. इसका खामियाजा भी आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा.

इसे भी पढ़ें- तीन महीने से दिव्यांग पेंशन की फाइल पड़ी है महिला और बाल विकास सचिव के पास

इसे भी पढ़ें- 2018 तक 24 घंटे बिजली देने के वादे की निकल चुकी हवा, अब किसानों को निर्बाध बिजली देने की घोषणा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: