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राफेल घोटाला पर अजय माकन ने कहा, देश को हुआ 41,205 करोड़ का नुकसान

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Ranchi: राफेल विमान समझौते पर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया है. बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मकान ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ यह घोटाला देश का अबतक का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला है. इस घोटाले से सरकारी खजाने को करीब 41,205 करोड़ का नुकसान हुआ है. इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर देश की सुरक्षा को कमजोर करने, सरकारी कंपनी, ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)’ की अनदेखी करने व ‘पूंजीपतियों’ को फायदा पहुंचाने की भी बात कही. देश की जनता इस सच को जान सके, इसके लिए अजय माकन ने लोकल मीडिया से राफेल घोटाले को प्रमुखता देने की भी अपील की है.

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8 लाख पूंजीवाली कंपनी को कैसे दिया करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट

अऩिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को राफेल विमान बनाने दिये जाने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए अजय मकान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राफेल विमान बनाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 30,000 करोड़ रु. का कॉन्ट्रैक्ट दिया था. एचएएल को रक्षा उपक्रम बनाने का 40 वर्षों तक का अनुभव है. वहीं मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही 30,000 करोड़ रु. का कॉन्ट्रैक्ट छीन कर अपने पूंजीपति मित्र की वैसी कंपनी (अऩिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड) को दे दिया जिसका एसेट मूल्य केवल 8 लाख रुपये है. कंपनी के 10 रुपये के एक शेयर का मूल्य 1154 रुपये बनता है. चूंकि कंपनी को लाभ देना जरूरी था, इसलिए कंपनी में सरकार ने 286.75 करोड़ तक का निवेश कर दिया. ऐसे में यह घोटाला साफ जाहिर करता है कि देश की रक्षा सुरक्षा को दरकिनार कर कैसे मोदी सरकार ने इस अनुभवहीन कंपनी को लाभ पहुंचाने का काम किया है.

सरकारी खजाने को 42,105 करोड़ का नुकसान

अजय माकन ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 12 दिसम्बर 2012 को जिस 126 राफेल लड़ाकू विमान का समझौता हुआ था, उसमें प्रति विमान का मूल्य 526.10 करोड़ था. बाद में सत्ता में आयी मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को दरकिनार कर 126 विमान की जगह 36 विमान खरीदने की बात कही. इसमें एक विमान का मूल्य 1670.70 करोड़ रु. निर्धारित किया गया. यानी यूपीए के दौरान जहां 36 विमानों का मूल्य 18,939.6 करोड़ था. वहीं मोदी सरकार के दौरान इन 36 विमानों का मूल्य 60,145.2 करोड़ हो गया. इस तरह देश के सरकारी खजाने को 42.105 करोड़ का नुकसान हुआ है. जिसका जबाव मोदी सरकार के पास नहीं है.

शीर्ष न्यायालय को मोदी सरकार ने किया गुमराह, जेपीसी का करे गठन

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अजय मकान ने कहा कि मोदी सरकार ने राफेल विमान समझौते की सच्चाई को छिपाकर देश के शीर्ष न्यायालय को गुमराह करने का काम किया है. न्यायालय ने मोदी सरकार को क्लीन चिट न देकर कहा है कि संसदीय मामला होने के कारण राफेल विमान समझौता उसके क्षेत्राधिकार में नहीं आता है. अजय माकन ने कहा कि राफेल घोटाले के सच देश की जनता के समझ आये, इसके लिए कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार तुरंत संयुक्त संसदीय कमिटी का गठन करे.

लोकल मीडिया से सहयोग की अपील

प्रेस वार्ता के दौरान अजय माकन लोकल मीडिया से राफेल घोटाले के सच को सामने लाने की भी अपील की. उन्होंने उपस्थित पत्रकारों से इस घोटाले को प्रमुखता देने की बात करते हुए कहा कि राफेल घोटाले पर मोदी सरकार का सच जनता तक आये, इसके लिए जरूरी है कि वे इस खबर को प्रमुखता दें.

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