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बंगलूरू में एयर शो शुरू,  सूर्य किरण के पायलट को दी गयी श्रद्धांजलि , राफेल ने धीमी गति से उड़ान भरी

पांच दिन चलने वाला समारोह सादे तरीके से आरंभ हुआ. बता दें कि समारोह के उद्घाटन से एक दिन पहले ही भारतीय वायु सेना की हवाई करतब टीम सूर्य किरण के दो विमान हवा में टकरा गये थे.

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Bengaluru : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में आज बुधवार से एयर शो शुरू हो गया.  इस क्रम में कई फाइटर जेट ने आसमान में भारत की ताकत का प्रदर्शन किया. पांच दिन चलने वाला समारोह सादे तरीके से आरंभ हुआ. बता दें कि समारोह के उद्घाटन से एक दिन पहले ही भारतीय वायु सेना की हवाई करतब टीम सूर्य किरण के दो विमान हवा में टकरा गये थे. एयरो इंडिया कार्यक्रम के रिहर्सल के दौरान हुए इस हादसे में एक पायलट की मौत हो गयी थी और दो घायल हो गये थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया था.  एयर शो के दौरान कल बंगलूरू में हादसे का शिकार हुए सूर्य किरण एयरबैटिक्स के पायलट विंग कमांडर साहिल गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राफेल विमान ने धीमी गति में उड़ान भरी. द कोटा डगलस डीसी-3 विमान ने भी आसमान में उड़ान भरी. खबरों के अनुसार एयर शो में वायुसेना की सारंग  हेलिकॉप्टर एयरोबैटिक टीम ने प्रदर्शन किया.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को सैल्यूट दिया गया

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को सैल्यूट करने के बाद टीम ने अनोखे अंदाज में अपना परफॉर्मेंस खत्म किया. बता दें कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेशकों को एयरोस्पेस और अन्य क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है, जिससे भारत में विनिर्माण में मदद मिल सके. एयर शो के क्रम में लॉइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) ने करतब दिखाया.  इस एयरक्राफ्ट ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटर बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.  वाजपेयी ने ही इस एयरक्राफ्ट को तेजस नाम दिया था.सीतारमण ने एयरो इंडिया 2019 के उद्घाटन के दौरान मेक इन इंडिया की मजबूत वकालत की और रक्षा निर्माण में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी देने समेत सरकार के उठाए कई कदमों का जिक्र किया.  एशिया के प्रमुख एयर शो का 12वां संस्करण यहां येलाहांका में आयोजित किया जा रहा है.

रक्षा मंत्री ने एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में संभावनाओं की बात करते हुए कहा कि मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) संयुक्त उपक्रम साझीदार खोज सकते हैं ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके. उन्हें बंधा बंधाया बाजार मिल सकता है और वे भारत से निर्यात कर सकते हैं. सीतारमण ने यह भी कहा कि पिछले चार साल में और मौजूदा वित्त वर्ष में सशस्त्र बलों के लिए रक्षा उपकरण की खरीदारी के लिए भारतीय विक्रेताओं के साथ करीब 1,27,500 करोड़ रुपए के 150 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किये गये हैं.  यह समारोह विमानन कंपनियों, रक्षा क्षेत्र और सरकार को नए समझौते करने के लिए मंच भी मुहैया करायेगा.

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