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दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण, सांस लेना भी मुश्किल

New Delhi : वायु प्रदूषण वैश्विक समस्या बन चुकी है. प्रदूषण से ना सिर्फ सांस लेने में परेशानी हो रही बल्कि ग्लोबल वार्मिंग का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और इसकी वजह से समुद्र के जल स्तर में जो वृद्धि हो रही है. इससे भारतीय समुद्र तटों के किनारे बसे इलाकों पर अस्तित्व का संकट मंडराने लगा है. बीते चार सालों में सरकार ने करीब साढे 22 अरब रुपए खर्च किये हैं. लेकिन अरबों खर्च करने के बाद भी दिल्ली हवा में कोई सुधार नहीं हुआ है. वहीं, दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है.

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देश की राजधानी की आबोहवा इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है. दिवाली में जले पटाखे और किसानों के पराली जलाने के कारण भी दिल्ली की आबोहवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है. शनिवार की सुबह दिल्ली की वायु की गुणवत्ता में गिरावट आयी है. दिल्ली का एअर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 499 दर्ज किया गया है. जो गंभीर श्रेणी के साथ साथ इस मौसम का सबसे खराब एअर क्वालिटी इंडेक्स है. इससे पहले शुक्रवार की शाम तक दिल्ली का एक्यूआई 471 दर्ज किया गया था. जबकि, गुरुवार को यह 411 पर था.

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वायु प्रदूषण के कारण

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब, हरियाण यूपी और एमपी में किसानों के जलाये पराली के कारण दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गयी है. लेकिन यहां देखने वाली बात यहा है कि किसान सालों भर पराली नहीं जलाते ना ही पटाखे फोड़े जाते हैं. फिर भी दिल्ली समेत अन्य राज्यों की आबोहवा खराब हो रही है. इसके लिए सिर्फ पराली जलाना ही जिम्मेदार नहीं है.

वाहन व कारखानों के धुएं से फैल रहा प्रदूषण

सरकार की नजर ना तो कारखानों की तरफ जाती है ना ही सड़कों पर रेंग रही वाहनों पर. उद्योगों और ईंट भट्ठों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं, कृषि में रसायनों के उपयोग से भी वायु प्रदूषण बढ़ा है. आवागमन के साधनों में तेजी से वृद्धि हो रही है. वाहनों से निकलने वाले धुयें वायुमंडल में लगातार मिलते जा रहे हैं जिससे वायुमंडल में असंतुलन बढ़ रहा है. पेड़ों की कटान से वायु प्रदूषण बढ़ा है क्योंकि वृक्ष वायु प्रदूषण को निरंतर कम करते हैं.

वायु प्रदूषण का मानव जीवन पर प्रभाव

दिल्ली में खराब हवा के कारण लोगों में बिमारियों का खतरा बढ़ रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक खराब हवा के कारण हार्ट में स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर, श्वांस से संबधी बीमारियां बढ़ रहीं है. उल्टी घुटन, सिर दर्द, आंखों में जलन आदि बीमारियां भी वायु प्रदूषण के कारण हो रही है.

गौरतलब है कि बीते काफी समय से दिल्ली-एनसीआर में पॉल्यूशन बेहद खराब स्तर पर रह रहा है. प्रदूषण के कारण दिल्ली में विजिबिलिटी लेबल पर भी असर पड़ा है. दिल्ली की हवा में स्मॉग की मोटी चादरें दिखाई दे रही हैं. खराब हवा के कारण लोगों को खुली जगह में भी सांस लेने में परेशानी हो रही है. कुतुब मीनार, अक्षरधाम मंदिर समेत कई और इलाकों में स्मॉग और लो विजिबिलिटी की शिकायतें आ रही हैं.

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