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वायु प्रदूषण झारखंड में मौत तथा अपंगता के मामले में तीसरा सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर :  डॉ नीरज

Ranchi : सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड)  की ओर से झारखंड में गंभीर होते वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए ‘टुवर्ड्स हेल्दी एयर’ परिचर्चा आयोजित  की गयी.परिचर्चा में भागीदार विशेषज्ञों ने स्वस्थ समाज व बेहतर पर्यावरण के लिए ‘एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’, जन स्वास्थ्य सुरक्षा तथा प्रदूषण उत्सर्जन में कमी जैसे मुद्दों से जुड़ी विविध रणनीतियों पर चर्चा की.

राज्य में वायु प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर देते हुए सीड की प्रोग्राम ऑफिसर अंकिता ने कहा कि ”रांची जैसे झारखंड के कई शहर खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण की स्थिति से जूझ रहे हैं, जिससे समाज व मानव स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं.  राज्य में वायु प्रदूषण इस कदर गंभीर हो चला है कि रांची महानगर को एक गैस चेंबर में बदलने से रोकने के लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है. पर्यावरणीय समस्या से निबटने के लिए वह  राज्य में क्लीन एयर एक्शन प्लान लागू कर वायु प्रदूषण से बचा जा सकता है.

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2016 में झारखंड की प्रति एक लाख आबादी पर 100 मौतें

परिचर्चा को संबोधित करते हुए  ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), पटना के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के हेड डॉ नीरज अग्रवाल ने कहा कि ‘वायु प्रदूषण झारखंड में मौत तथा अपंगता के मामले में तीसरा सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है. मशहूर ब्रिटिश रिसर्च जर्नल ‘लैंसेट कमिशन’ के अध्ययन के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण वर्ष 2016 में झारखंड की प्रति एक लाख आबादी पर करीब 100 मौतें हुईं. वायु प्रदूषण से होनेवाले मानव स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और मौतें अब कोई रहस्य नही रह गया है.

ऐसे में बेहतर हवा तथा स्वस्थ समाज के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए. वायु प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर बेहतर समझ के लिए गहन अध्ययन व शोध की जरूरत है, ताकि ये नीति-निर्माण में सहायक हो सकें.

सीड द्वारा अयोजित परिचर्चा में वायु प्रदूषण तथा शहरी प्रशासन से जुड़े मुख्य समूहों जैसे मेडिकल प्रोफेशनल्स, सिविल सोसायटी संगठन, शिक्षाविद् तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की. परिचर्चा में भागीदार विशेषज्ञों तथा प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से वायु प्रदूषण से निबटने के लिए राज्य सरकार से शहर केंद्रित स्वच्छ वायु कार्य योजना यानी ‘क्लीन एयर एक्शन प्लान’ लागू करने की अपील की गयी.

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