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इग्नू के तकनीकी कोर्स में एआईसीटीई मान्यता जरूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट

Ranchi : सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा डिस्टेंस मोड के माध्यम से दी जाने वाली बीटेक की डिग्री एवं पॉलिटेक्निक की डिप्लोमा डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) की मंजूरी जरूरी नहीं है. ज्ञात हो कि इग्नू में एमबीएस, बीटेक एवं पॉलिटेक्निक कोर्स डिसटेंस मोड में चलाया जाता है. इसके कारण डिग्री धारकों को अन्य संस्थानों में नामांकन और रोजगार के वक्त काफी समस्या आती थी. ज्यादातर संस्थान इग्नू के तकनीकी डिग्री को खारिज कर देते थे, क्योंकि इग्नू को एआईसीटीई से मान्यता नहीं थी.

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30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

यह आदेश विगत 30 जुलाई को दिया गया. करीब इक्कीस इग्नू डिग्री एवं डिप्लोमा धारकों द्वारा दायर याचिका पर न्यायमूर्ति रोहिंटन फलि नरीमन और इंदु मल्होत्रा की खंडपीठ ने इस फैसले को पारित किया. याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा था कि इग्नू द्वारा ओपन एवं जिस्टेंस कोर्स के माध्यम से उन्हें दी जाने वाली तकनीकी डिग्री मान्य है या नहीं. इस मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इग्नू के तकनीकी कोर्स में एआईसीटीई की मान्यता की आवश्यकता नहीं है.

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