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अगुस्टा वेस्टलैंड डील : मिशेल की  हिरासत चार दिन बढ़ी, वायुसेना के अधिकारियों की यात्रा पर  92 लाख  खर्च किये थे

अगुस्टा वेस्टलैंड डील मामले में क्रिस्चन मिशेल ने वायुसेना के अधिकारियों की यात्रा पर 2009 से 2013 के दौरान 92 लाख रुपये खर्च किये थे . इस मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने विशेष अदालत को यह जानकारी दी है.

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NewDelhi : अगुस्टा वेस्टलैंड डील मामले में क्रिस्चन मिशेल ने वायुसेना के अधिकारियों की यात्रा पर 2009 से 2013 के दौरान 92 लाख रुपये खर्च किये थे . इस मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने विशेष अदालत को यह जानकारी दी है.  बता दें कि पिछले दिनों मिशेल का दुबई से प्रत्यर्पण करने में सरकार को सफलता मिली  थी.  विशेष अदालत में मिशेल की हिरासत पाचं दिन और बढ़ाने की मांग करते हुए सीबीआई ने कहा कि वह कथित बिचौलिए से इस डील से संबंधित के साथ पूछताछ करना चाहती है .  उसके बाद क्रिश्चयन मिशेल की सीबीआई हिरासत चार दिन के लिए और बढ़ा दी गयी. ब्रिटेन के 57 वर्षीय नागरिक मिशेल को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के सामने पेश किया गया था.  जानकारी के अनुसार सीबीआई इसके लिए मिशेल को लेकर मुंबई जायेगी.  सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि वह उसे मुंबई स्थित पवन हंस इंडिया लिमिटेड के दफ्तर ले जाना चाहती है.  यहां सीबीआई उसके इस वर्जन का वेरिफिकेशन करना चाहती है कि उसने WG-30 हेलिकॉप्टर्स के बायबैक का ऑप्शन की बात कही थी .  कहा कि वहां सीबीआई पवन हंस इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों से मिशेल का सामना करायेगी.

सीबीआई ने  कई देशों से लेटर ऑफ रिक्वेस्टस बरामद किये हैं

सीबीआई के अनुसार उसने कई देशों से लेटर ऑफ रिक्वेस्टस बरामद किये हैं. सीबीआई उन दस्तावेजों को मिशेल को दिखाकर उससे पूछताछ करना चाहती है .  मिशेल के बचाव में उनके वकील ने स्पेशल कोर्ट में सीबीआई की ओर से हिरासत बढ़ाये जाने की मांग का विरोध किया .  बचाव पक्ष के वकील का कहना था कि सीबीआई पहले ही काफी समय के लिए रिमांड ले चुकी है.  उसे आरोपी के खिलाफ कुछ भी नहीं मिल सका है . बता दें कि सीबीआई ने मिशेल की बढ़ी हुई हिरासत के पाचं दिन पूरे होने के बाद उसे स्पेशल कोर्ट में पेश किया था.  मिशेल को चार दिसंबर को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और सीबीआई ने हिरासत में लिया था.  पहले उसे पाचं दिन की हिरासत में लिया गया था, जिसे बाद में पाचं दिन और बढ़ा दिया गया था .

276 करोड़ रुपये की पेमेंट संदिग्ध थी

सीबीआई के अनुसार अगुस्टा वेस्टलैंड की ओर से किये गये मिशेल की फर्मों ग्लोबल ट्रेड ऐंड कॉमर्स लिमिटेड और ग्लोबल सर्विसेज FZE के ऑडिट में यह बात सामने आयी है कि उन्हें की गयी 34 मिलियन यूरो यानी 276 करोड़ रुपये की पेमेंट संदिग्ध थी.  टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि कासाना ने मिशेल की फर्मों के ऑडिट के लिए दुबई की यात्रा की थी.  बताया गया कि इस मसले पर कासाना ने जब मिशेल और उसके ऑफिस मैनेजर से सवाल किये तो वे सही जवाब न दे सके .  सूत्रों के अनुसार दोनों इस बड़ी राशि के इस्तेमाल को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके.  मिशेल का दावा है कि उसने अगुस्टा वेस्टलैंड से कंसल्टेंसी फीस ली थी.  लेकिन जांचकर्चाओं का कहना है कि यह घूस थी और उसने कंपनी को कोई कंसल्टेंसी नहीं दी थी

त्यागी और उनके परिवार को प्रतिमाह 11,000 डॉलर की रकम दी

मिशेल ने  पूर्व एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी और उनके परिजनों को राशि देने की बात स्वीकार की है. मिशेल ने माना कि उसने कुछ महीनों तक त्यागी और उनके परिवार को प्रतिमाह 11,000 डॉलर की रकम दी थी. मिशेल ने वायुसेना के कई अन्य पूर्व अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के भी नाम लिये हैं, जिनसे उसकी लगातार मुलाकातें होती थीं. सीबीआई ने कुछ फैक्स भी हासिल किये हैं, जो मिशेल और अगुस्टा वेस्टलैंड के बीच किये गये थे . इन फैक्सों से जानकारी मिलती  है कि एसपी त्यागी अपने रिटायरमेंट के बाद भी अगुस्टा वेस्टलैंड डील के लिए लॉबिंग कर रहे थे.

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