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रोजगार दिलाने के लिए एजेंसी से हुआ था करार, वह एक महीने में लायी मात्र 250 जॉब

  •  विभाग ने अपने स्तर से पायी तीन हजार जॉब डिमांड
  •  राज्य में रजिस्टर्ड मजदूरों की संख्या 10 लाख 50 हजार 850

Ranchi: राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए लेबर नेट नामक एजेंसी से एक महीने पहले करार किया था. लेकिन इसके जरिये मात्र 250 जॉब डिमांड आ पायी है. जबकि, श्रम विभाग ने अपने स्तर से तीन हजार जॉब डिमांड हासिल की है.

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राज्य में कुल मजदूरों की संख्या 10 लाख 50 हजार 850 है. पिछले महीने तक श्रम विभाग के पास दस लाख 50 हजार रजिस्टर्ड मजदूर थे. वहीं इस महीने 850 रजिस्टर्ड हुए. वहीं विभाग को अपने स्तर से पिछले महीने तीन हजार जॉब डिमांड देश भर से मिली.

बता दें कि श्रम विभाग द्वारा मजदूरों को वापस लाने और रोजगार मुहैया कराने का काम फिया फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है. ऐसे में विभाग और फाउंडेशन की ओर से अपने स्तर से भी इन मजदूरों को रोजगार दिलाने का काम किया जा रहा है.

श्रम विभाग में आयी मांगों में कंस्ट्रक्शन साइट और टेक्सटाइल सेक्टर की मांग अधिक है. इसमें सभी मांग राष्ट्रीय स्तर के है.

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कंस्ट्रक्शन साइट में सबसे अधिक डिमांड

फिया फाउंडेशन से जानकारी मिली है कि राज्य के प्रवासी मजदूरों की सबसे अधिक डिमांड कंस्ट्रक्शन साइट्स में है. इस महीने दिल्ली की अलग-अलग कंस्ट्रक्शन साइटों से पांच सौ जॉब डिमांड आयी है. वहीं विभाग और फाउंडेशन को लगभग तीन हजार जॉब डिमांड अपने स्तर से मिली हैं.

विभाग की मानें तो इन कामों में 1500 लोगों की मांग कंस्ट्रक्शन साइट में की गयी है. वहीं अन्य मांग टेक्सटाइल सेक्टर में है. सभी मांगों अन्य राज्यों से है. राज्य में रोजगार सृजन की संभावना काफी कम हो गयी है.

टेक्सटाइल में दस कंपनियां आयी हैं जिसमें कॉटन वर्ल्ड बैंगलुरु में 500, एशियन फैब्रिक प्राइवेट लिमिटेड तमिलनाडु में 200 लोगों की मांग समेत अन्य कंपनियों से मांग आयी है. इसके साथ ही पुणे, गुजरात, चेन्नई, त्रिपुरा से भी लोगों की मांग विभाग के पास है. इसके पहले राज्य सरकार की ओर से 1660 मजदूरों को लेह-लद्दाख भेजा गया था.

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बैंगलुरु की एजेंसी है लेबरनेट

लेबर नेट बैंगलुरु की एजेंसी है. संभावना है कि इससे विदेशों में भी लोगों को काम मिले. हालांकि विभाग की मानें तो इसमें प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी जायेगी. इस संबध मे विभाग की ओर से विज्ञापन जारी किया जायेगा. इसमें प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी जायेगी.

एजेंसी की ओर से इन मजदूरों को नौकरी दिलाने के साथ ही उनकी ट्रैकिंग की जायेगी जिससे उनका शोषण न हो.

श्रम विभाग के साथ मिलकर फिया फाउंडेशन 27 मार्च 2020 से काम कर रहा है जिसने प्रवासी मजूदरों के रजिस्ट्रेशन और उन्हें वापस लाने में मदद की. अब संस्था विभाग के साथ मजदूरों को रोजगार मुहैया करा रहा है.

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