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डीवीसी सप्लाई मजदूरों के पे-रिवीजन पर कोलकाता वार्ता में बनी सहमति, 1 नवंबर 2017 से प्रभावी

बेनजीता रही थी पांच दौर की वार्ता

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Bermo : पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को डीवीसी मुख्यालय कोलकाता में डीवीसी के बोकारो थर्मल और चंद्रपुरा के सप्लाई मजदूरों का वेतन पुनरीक्षण को लेकर आहुत बैठक में वार्ता सकारात्मक रही. सहमति बनने के बाद कुशल श्रेणी के सप्लाई मजदूरों को वर्तमान में मूल वेतन और भत्ता सहित कुल वेतन लगभग 28 हजार रुपया और अतिकुशल श्रेणी के सप्लाई मजदूरों को लगभग 29 हजार रुपया का भुगतान किया जायेगा. सभी सप्लाई तथा वेतन पुनरीक्षण का लाभ विगत 1 नवंबर 2017 से प्रभावी होगा. इसके अलावा 150 रुपया रात्रि पाली भत्ता के रुप में दिया जायेगा.

श्रमायुक्त के समक्ष त्रिपक्षीय समझौता किया जायेगा

पूर्व से कुशल श्रेणी में कार्यरत सप्लाई मजदूरों को 1 नवंबर 2017 से अतिकुशल श्रेणी में पदोन्नत भी किया जायेगा एवं वर्ष 2015 में अकुशल श्रेणी से कुशल श्रेणी में पदोन्नत के सप्लाई मजदूरों को 6 वर्ष के उपरांत अर्थात वर्ष 2021 में अतिकुशल श्रेणी में पदोन्नति किया जायेगा. इएसआइ के दायरे से बाहर आने के बाद चिकित्सा भत्ता 900 रुपया प्रति माह देय होगा और गंभीर बीमारी का सुपर स्पेशलियटी अस्पताल में इलाज के लिए भविष्य में नीति बनायी जायेगी. कार्य अवधि में मृत सप्लाई मजदूरों के आश्रितों को उनके स्थान पर नियोजित किया जायेगा. साथ ही वार्ता में अनेक बिंदुओं पर सहमति बनी और यथाशीघ्र क्षेत्रीय श्रमायुक्त के समक्ष त्रिपक्षीय समझौता किया जायेगा.

डीवीसी के तमाम अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया

उपरोक्त बिन्दुओं पर बनी सहमति के लिए वार्ता मे शामिल संयुक्त मोर्चा के नेताओं में डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री भरत यादव,संजय मिश्रा,ललन शर्मा,ब्रज बिहारी शर्मा,मनोज सिंह,अमरजीत सिंह,डीवीसी यूसीडब्लूयू के अध्यक्ष ब्रज किशोर सिंह,महामंत्री नवीन पाठक,असीम तिवारी,हिमकियू के मणि गोप,राजेन्द्र केडिया,सरयू ठाकुर,झाक्रामयू के नागेश्वर महतो,बिराठेकायु के दशरथ नायक आदि ने पे- रिवीजन में सहयोग एवं सकारात्मक प्रयास के लिये सांसद रवींद्र कुमार पांडेय, डीवीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह,सदस्य सचिव पीके मुखोपाध्याय,कार्यपालक निदेशक एके वर्मा सहित डीवीसी के तमाम अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. मौके पर मुख्य रूप से प्रमोद सिंह, दूधनाथ प्रसाद, राजेंद्र ठाकुर,अखलाक हुसैन, खेमचंद महतो, मनोज सिंह,नरेश साव,योगेंद्र प्रसाद,गणेश राम,कृष्णा चौधरी आदि दर्जनों श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित थे.

पांच दौर की वार्ता के बाद भी नहीं हो सका था फैसला

डीवीसी बोकारो थर्मल के 650 एवं चंद्रपुरा के 400 कुल 1050 सप्लाई मजदूरों के पे-रिवीजन की मांग का समझौता शुक्रवार की वार्ता के पूर्व कोलकाता मुख्यालय में पांच दौर की वार्ता के बाद भी पूरा नहीं किया जा सका था. विगत 13 दिसंबर को बेनतीजा रही वार्ता के बाद सप्लाई मजदूरों की उम्मीदें 22 फरवरी की की वार्ता की तिथि निर्धारण पर टिकी हुई थी जो कि सकारात्मक रही.

डीवीसी अध्यक्ष ने पेरिवीजन की मांग को लेकर बनायी थी कमेटी

सप्लाई मजदूरों की संयुक्त मोर्चा में शामिल डीवीसी ठीका मजदूर संघ, यूसीडब्ल्यूयू, एचएमकेयू, इंटक के प्रतिनिधियों में से भरत यादव,अमरजीत सिंह, संजय मिश्रा,ब्रजकिशोर सिंह, नवीन कुमार पाठक, असीम तिवारी, आरपी केडिया, सरजू यादव, प्रमोद सिंह, दूधनाथ प्रसाद और नागेश्वर महतो की पेरिवीजन की मांग के बाद डीवीसी के सदस्य सचिव सह तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष पीके मुखोपाध्याय के निर्देश पर डीवीसी के अधिकारियों में से वरीय अपर निदेशक एचआर संजय प्रियरंजन, उप निदेशक अजीत कुमार,वरीय प्रबंधक वित्त अमल सरकार,बोकारो थर्मल के वरीय अपर निदेशक पीके सिंह और चंद्रपुरा के अपर निदेशक सुबोध मिश्रा की एक कमेटी बनायी गयी थी. गठित कमेटी सप्लाई मजदूरों की संयुक्त मोर्चा से उनकी मांगों को लेकर वार्ता कर डीवीसी अध्यक्ष को अवगत कराने का काम करती थी.

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