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सऊदी अरब – भारत के बीच सुरक्षा, उर्जा,  इंफ्रास्ट्रक्चर,  हाउसिंग क्षेत्र में हुआ करार

भारत के पश्चिमी तट पर 44 अरब डॉलर (लगभग सवा तीन लाख करोड़ रुपये) के निवेश से लगने वाली रिफाइनरी में सऊदी कंपनी अमारको आधी हिस्सेदारी खरीदेगी

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 NewDelhi : सऊदी अरब के प्रिंस सलमान मंगल्वार को भारत यात्रा पर आये. आज बुधवार को दोनों देशों के बीच संयुक्त वार्ता हुई जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस सलमान ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया. पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात रखी और अन्य मुद्दों के साथ ही पुलवामा आतंकी हमले पर भी बोले. उन्होंने कहा,  आतंकवादियों को मिलकर सजा दिलाना जरूरी है.  वहीं, प्रिंस सलमान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर बात जरूर कही, लेकिन पुलवामा का जिक्र नहीं किया. करार के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, प्रिंस का स्वागत करके खुशी हुई है. सऊदी अरब एक करीबी दोस्त है साथ ही उर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण सोर्स भी है. दोनों देशों के बीच पुराने संबंध हैं;  सुरक्षा, उर्जा व अन्य क्षेत्रों में हम आगे बढ़े हैं;  आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की है.  इससे पहले दोपहर 12.30 बजे प्रधानमंत्री मोदी और सऊदी प्रिंस के बीच हैदराबाद हाऊस में वार्ता शुरू.  इस वार्ता में उर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग समेत 6 क्षेत्रों को लेकर समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं.  भारत दौरे पर आये सऊदी प्रिंस सलमान का बुधवार सुबह औपचारिक स्वागत किया गया राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री ने सऊदी प्रिंस की आगवानी की.

पीएम मोदी ने प्रोटोकाल तोड़कर हवाई अड्डे पर अगवानी की

सऊदी अरब और पाकिस्तान की तरफ से सोमवार को जारी संयुक्त बयान में जिस तरह से कुछ चुभने वाले मुद्दों को उठाया गया है उसे देखते हुए अब सभी की नजर भारत व सऊदी अरब की तरफ से आज जारी होने वाले संयुक्त बयान पर है. सऊदी प्रिंस की इस पहली द्विपक्षीय यात्रा को केंद्र सरकार बहुत अहमियत दे रही है. इसको इसी बात से समझा जा सकता है कि सऊदी अरब के भावी शासक प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मंगलवार को देर रात दिल्ली पहुंचे और पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकाल तोड़कर हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की. प्रिंस सलमान सोमवार को पाकिस्तान में थे और वहां उनकी पीएम इमरान खान के साथ हुई वार्ता के बाद जारी बयान में कहा गया कि आतंकियों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रावधानों का राजनीतिक इस्तेमाल किसी को नहीं करना चाहिए. यह सीधे तौर पर जैश के सरगना मौलाना मसूद अजहर पर भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध लगाने की चल रही कोशिशों की तरफ इशारा करता है. माना जा रहा है कि इसे पाकिस्तान की तरफ से खास आग्रह करने पर संयुक्त बयान में शामिल किया गया. पीएम मोदी और प्रिंस सलमान के बीच इस मुलाकात से भारत व सऊदी अरब के बीच मौजूदा ऊर्जा सहयोग की तस्वीर में भी भारी बदलाव आयेगा. अभी दोनों देशों में खरीदार व विक्रेता का रिश्ता है.

सऊदी तेल व गैस बेचता है और भारत खरीदता है. लेकिन आने वाले दिनों में सऊदी भारत के ऊर्जा सेक्टर में एक बड़ा निवेशक भी बनने जा रहा है और भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उसका एक बड़ा साझेदार देश बनेगा. दोनों देशों के बीच एक अहम समझौते पर भी हस्ताक्षर होगा. भारत के पश्चिमी तट पर 44 अरब डॉलर (लगभग सवा तीन लाख करोड़ रुपये) के निवेश से लगने वाली रिफाइनरी में सऊदी कंपनी अमारको आधी हिस्सेदारी खरीदेगी.  दोनों देशों के बीच कच्चे तेल का रणनीतिक भंडारण क्षमता बनाने में भी सहयोग स्थापित होने जा रहा है.

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