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फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस कंपनी के फर्जीवाड़े के खिलाफ आंदोलन समाप्त

उपायुक्त ने दिये जांच के आदेश, तीन महीने में जांच टीम सौंपेगी रिपोर्ट

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Dhanbad: भारत, उज्जीवन, आरोहण, भाया, अन्नपूर्णा और फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस कंपनी के फर्जीवाड़े की शिकार महिलाओं का प्रखंड कार्यालय लटानी मे चल रहा अनिश्चित कालीन घेरा डालो डेरा डालो कार्यक्रम समाप्त हो गया. आज सोमवार को, पांचवें दिन उपायुक्त के आदेश पर एडीएम (विधि व्यवस्था) को जांच के आदेश मिलने के बाद आंदोलन को समाप्त किया गया. फर्जीवाड़े की जांच का पत्र पूर्वी टुण्डी प्रखंड कार्यालय को प्राप्त होते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा ने धरना मे बैठी महिलाओं से संपर्क किया. उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया और त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रखंड स्तर पर मामले की जांच के लिए पांच सदस्यों की टीम बनायी. टीम तीन महीने के भीतर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.

जांच होने तक कंपनी ऋण वसूली के लिए नहीं आयेगी गांव

जानकारी के अनुसार बीडीओ दोपहर को धरनार्थियों से वार्ता करने पहुंचे. इसके बाद उन्होंने घेरा डालो डेरा डालो कार्यक्रम समाप्त करने का अनुरोध किया. धरना स्थल पर उन्हें महिलाओं के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा. महिलाओं की शिकायत थी कि पांच दिनों से उनकी सुध लेने कोई अधिकारी नही पहुंचे. महिलाओं की ओर से झाविमो जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा ने बीडीओ से वार्ता की. कहा कि महिलाएं इस बात का आश्वासन चाहती हैं कि जबतक जांच प्रक्रिया जारी रहेगी कोई भी फाइनेंस कंपनी गांव में फर्जी ऋण की राशि वसूलने नहीं आयेगी. बीडीओ ने भी उन्हें आश्वस्त करते हुए जांच प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा. बीडीओ द्वारा गठित जांच टीम  में विधान चंद्र माजी (प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी),  विजय कुमार (प्रभारी अंचल निरीक्षक), मुबारक अंसारी (प्रभारी पंचायती राज पदाधिकारी), शिव शंकर रजक ( प्रखंड समन्वयक) सुशील कुमार मुन्डा (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक) शामिल हैं. ये टीम 90 दिनों के भीतर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.

महिलाओं ने दिया जागरूकता का परिचय

मालूम हो कि प्रखंड की सैकड़ों महिलाओं ने 14 फरवरी से प्रखंड कार्यालय के समक्ष फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए मामले की जांच की मांग की थी. इसी मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठी थीं.  झाविमो के मिडिया प्रभारी कैप्टन प्रदीप मोहन सहाय ने कहा कि यह आंदोलन प्रखंड में एक नयी क्रांति को जन्म दे चुका है. महिलाओं ने अपने जागरूक होने का परिचय दिया है.

इन्होंने आंदोलन का बनाया सफल

धरने में मुख्य भूमिका आदिवासी नेता मंगल सोरेन, फिरोज दत्ता, राजेश साहनी, जानकी रजक, ग्रामीण संघर्ष महिला मोर्चा की अध्यक्षा मालती देवी,  कुसुम देवी, छाया देवी, मंगोली देवी, पिंकी देवी, कुशमोली देवी, बिनोद मुर्मू, रविन्द्र टुडू, सेकंड किस्कू, ऑफिसर हांसदा, सुजन कर्मकार आदि ने सक्रिय भूमिका निभायी.

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