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अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड में बॉडीगार्ड गिरफ्तार, मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी समेत तीन अभी भी फरार

 बॉडीगार्ड सुनील के रिवाल्‍वर से मारी गयी थी दो गोली

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Ranchi : अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड नंबर 1 में 6 मार्च की शाम हई अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड में शामिल लोकेश चौधरी का बॉडीगार्ड सुनील सिंह को पुलिस ने बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. सुनील सिंह की गिरफ्तारी और उसके बयान के आधार पर कांड में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवाल्वर,19 चक्र गोली बरामद किया है. वहीं घटनास्थल का सीसीटीवी का डीवीआर, हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल के मोबाइल का जला हुआ अवशेष, अभियुक्त सुनील कुमार का टी-शर्ट और धर्मेंद्र तिवारी का शर्ट का जला हुआ अवशेष अभियुक्त सुनील कुमार के बोकारो स्थित आवास और धुर्वा डैम जाने वाले रास्ते से बरामद किया गया है.

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गिरफ्तार हुए अभियुक्त सुनील कुमार के हथियार से चली थी दो गोली

रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार हुए अभियुक्त सुनील कुमार के रिवाल्वर से दो गोली चली थी. गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार का रिवाल्वर और लाइसेंस पुलिस ने जब्‍त कर लिया है. पुलिस गिरफ्तार बॉडी गार्ड से पूछताछ कर रही है. दोनों भाइयों की हत्‍या किन कारणों से की गयी है अभी पुलिस कुछ बताने से इंकार कर रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही हत्या के पीछे का सही कारणों का पता चल पायेगा.

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मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी समेत तीन अभी भी फरार

अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड के मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी,एमके सिंह और बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी अभी भी फरार हैं. इन तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार छापामारी कर रही है. एसएसपी ने कहा कि जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

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 साजिश के तहत दिया गया हत्या की घटना को अंजाम

अग्रवाल ब्रदर्स की हत्या को अंजाम एक साजिश के तहत दिया गया. दोनों भाई को शाम में अशोक नगर बुलाया गया. रुपये के लेनदेन के चलते हुए विवाद के बाद दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. एसएसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि फरार आरोपी एमके सिंह खुद को आइबी ऑफिसर बता कर अग्रवाल ब्रदर्स से रुपया ठगने की कोशिश कर रहा था.

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रुपये के लेन देन में हुई थी दोनों भाइयों की हत्या

मामले पर विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि लोकेश चौधरी और अग्रवाल ब्रदर्स के बीच पैसों का लेन-देन हुआ था. कई दिनों से अग्रवाल ब्रदर्स लोकेश से अपना पैसा वापस मांग रहे थे. लोकेश हर बार पैसा लौटाने में बहानेबाजी करता था. पैसे को लेकर दोनों पक्षों में कई बार तू-तू मैं-मैं भी हुई है. बताया जा रहा है कि हेमंत और महेंद्र ने लोकेश से 6 मार्च की शाम बात की. लोकेश ने उन दोनों को अशोक नगर के चैनल के बंद कार्यालय में बुलाया. जिसके बाद से ही दोनों भाई गायब चल रहे थे. 7 मार्च को दोनों भाइयों के शव साधना न्यूज के बंद कार्यालय से बरामद हुआ था.

 

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