न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

EVM पर फिर उठे सवालः चार राज्यों में कई सीटों पर मतदान से अधिक गिने गये वोट

2,979

New Delhi:  लोकसभा चुनाव के नतीजों को पहले दिन से ही संशय के साथ देखा जा रहा था. ये नतीजे मतदान के अलावे मतदान की प्रक्रिया से भी सीधे रूप से जुड़े हुए हैं. अब इसे लेकर एक बड़ा पर्दाफाश किया गया है. इसमें दावा किया गया है कि देश के करीब चार राज्यों के मतदान और वहां की मतगणना के आकड़ों का अध्यनन किया गया. इसमें ये तथ्य निकलकर आया है कि कई सीटों पर कुल वोटिंग से ज्यादा वोटों की गिनती हुई है. जिसके उदाहरण प्रस्तुत किये गये हैं, उन सीटों में देश की तीन हाई प्रोफाइल सीटें भी शामिल हैं. इन सीटों में बिहार की पटना साहिब, जहानाबाद और बेगूसराय की संसदीय सीट है.

इसे भी पढ़ेंः पलामू: माओवादियों की बड़ी साजिश नाकाम, पांच लैंड माइंस समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

Aqua Spa Salon 5/02/2020

ये फाइडिंग पिछले दिनों ‘न्यूज क्लिक’ ने अपनी वेबसाइट पर जारी की है. न्यूज क्लिक ने वोटों की गिनती से जुड़ी अपनी पड़ताल की है. इसमें ये तथ्य बाहर निकलकर आये हैं कि बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कई सीटों पर कुल वोटिंग से से अधिक संख्या में हजारों वोटों की गिनती की गयी है.

वेबसाइट ने आगे की रपट में लिखा है कि जिन संसदीय सीटों में मतों की गिनती की जांच हुई उनमें से आठ में कम से कम एक पर इस प्रकार की गड़बड़ी हारने वाले उम्मीदवार के वोटों के अंतर से भी कहीं है. यहां गौरतलब है कि यह तथ्य ऐसे समय पर सामने आये हैं, जब चुनावी माहौल और नतीजों वाले दिन से लेकर बाद तक ईवीएम पर सवाल उठाये जाते रहे हैं. कांग्रेस समेत विपक्ष के अन्य दलों ने बिहार, यूपी, हरियाणा समेत कई और राज्यों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ होने का आरोप लगाया था.

इसे भी पढ़ेंः अल्पसंख्यकों की एकजुटता ने राजमहल में विजय हांसदा को दिलायी विराट जीत

वेबसाइट ने संबंधित राज्यों की इन सीटों का बयोरा छापा है. इसके अनुसार, राज्यों की और चुनाव आयोग (ईसी) की वेबसाइटों और ईसी के वोटर टर्नआउट ऐप से जुटाए गये आंकड़े के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि 20 लाख 51 हजार 905 मतदाता वाले पटना साहिब क्षेत्र में 46.34 फीसदी मतदान हुआ. वहां नौ लाख 50 हजार 852 वोट डाले जाने थे, पर मतों की गिनती में नौ लाख 82 हजार 285 वोट रहे. यानी इस सीट पर 31 हजार 433 वोटों का फर्क था. बता दें कि बीजेपी उम्मीदवार ने यहां 2.84 लाख वोटों से जीत हासिल की है.

अगर बेगूसराय की बात करें तो यहां कुल 19 लाख 54 हजार 484 वोटर्स हैं. यहां 61.27 प्रतिशत वोटिंग हुई. वहां 11 लाख 97 हजार 512 मत पड़ने थे, पर वोटों की गिनती में आंकड़ा 12 लाख 25 हजार 594 था. यानी असल वोटिंग और गिने गए वोटों के बीच 28 हजार 82 वोटों का फर्क है. इस सीट से भी भाजपा के उम्मीदवार लगभग चार लाख मतों के अंतर से जीते हैं. इस अध्ययन में पूर्वी दिल्ली, मध्य प्रदेश की गुना व मुरैना, यूपी की बदायूं और फर्रूखाबाद संसदीय सीट को भी शामिल किया गया है. इसी प्रकार से असल में डलने वाले वोटों और उनकी गिनती के बीच फर्क पाया गया.

Related Posts

 #CAA Violence : CAA  समर्थकों और विरोधियों की दिल्ली के कई स्थानों में भिड़ंत, पथराव, फायरिंग, अलीगढ़ में 24 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद

नागरिकता कानून को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया. दिल्ली और अलीगढ़ में भारी हिंसा होने की खबर मिली है.

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

इस मामले में तीन पूर्व ईसी के आयुक्तों से भी बात की गयी. इसपर इन अधिकारियों ने से हैरानी जतायी और कहा कि चुनाव आयोग को इस मसले पर सफाई देनी चाहिये या फिर वोटों के आंकड़ों में गड़बड़ी मुद्दे का समाधान करना चाहिये.

बता दें कि इससे पहले, पटनासाहिब से हारने वाले कांग्रेसी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने शक जताया था और कहा था कि ‘कोई बड़ा खेल तो जरूर हुआ है.’

इसी मामले पर कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के एक सदस्य, जिन्होंने बिहार में 40 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव का बारीकी से पालन किया, ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “ईवीएम पर गंभीर संदेह हैं. मतदान के रूप में भारी अंतर प्रतीत होता है. यह पूरे राज्य में हुआ है और मतपत्रों की गिनती हुई. कांग्रेस निश्चित रूप से अपनी जांच करेगी. , पार्टी का कानूनी प्रकोष्ठ इस मुद्दे को उठायेगा और सीडब्ल्यूसी की बैठक में यह मामला उठाया जाएगा.

इसे भी पढ़ेंः यूपीः बसपा विधानसभा प्रभारी और उनके भांजे की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like