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1999-2000 में चेंबर अध्यक्ष का चुनाव जीतने के बाद संजय सेठ अब लड़ेंगे सांसद का चुनाव

संजय सेठ को रांची से भाजपा का उम्मीदवार बनाये जाने से सरगरमी बढ़ी

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Ranchi : भारतीय जनता पार्टी ने रांची संसदीय सीट से संजय सेठ को प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया है. भारतीय स्वंयसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं. अब पार्टी आलाकमान ने रांची जैसे महत्वपूर्ण संसदीय सीट से इनकी उम्मीदवारी पेश कर निर्वतमान सांसद से लेकर कई दावेदारों तक का मुंह बंद कर दिया है.

इनका मुकाबला इस बार महागठबंधन के प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और भाजपा के निर्वतमान सांसद रामटहल चौधरी के साथ है, जो निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

अब तक किसी तरह का विधानसभा चुनाव अथवा संसदीय चुनाव इन्होंने नहीं लड़ा है. इनकी सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के बड़े नेताओं और संगठन के बीच तालमेल स्थापित कर पार्टी की सीट को बरकरार रखना है.

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1993 में रांची मोटर डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का चुनाव इन्होंने जीता था. इसके बाद फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष के रूप में 1999-2000 में चुनाव जीतकर काम किया था. झारखंड के व्यवसायियों और उद्योगपतियों की संस्था चेंबर में एक वर्ष तक सक्रियता निभायी थी.

श्री सेठ महानगर भाजपा अध्यक्ष और प्रदेश भाजपा में भी थे. वर्तमान राजग सरकार के कार्यकाल में इन्हें झारखंड राज्य खादी ग्रामोद्योग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. इनकी नजदीकी पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और वर्तमान सीएम रघुवर दास के साथ अधिक बतायी जाती है.

तत्कालीन रांची महानगर भाजपा अध्यक्ष गामा सिंह (अब स्वर्गीय), संजय सेठ और छवि विरमानी की तिकड़ी भाजपा में काफी दिनों तक फेमस रही है. पंजाबी हिंदू बिरादरी समेत, दर्जनों संगठनों के साथ ये जुड़े रहे हैं.

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1976 में डीएवी कालेज कानपुर में छात्र संघ चुनाव से शुरू की थी राजनीति

जानकारी के अनुसार, 1976 में डीएवी कॉलेज कानपुर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र संघ का चुनाव जीतकर राजनीति शुरू की थी. 1980 में भाजयुमो रांची नगर के महामंत्री से लेकर 2001 और 2009 में झारखंड प्रदेश भाजपा में प्रवक्ता के रूप में इनकी पहचान बनी थी. झारखंड में नमो मंत्र के ये संयोजक रहे हैं.

इनके करीबियों का कहना है कि इन्होंने हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा, पलामू, दुमका और रांची लोकसभा सीट पर पूर्व के चुनावों में लोकसभा और विधानसभा प्रभारी के रूप में भी काम किया है.

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