Dhanbad

हिंसक झड़प के बाद धनबाद के निरसा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति गरमाई

JMM नेता ने कहा-आउटसोर्सिंग कंपनियों में रंगदारी और खून-खराबा का अखाड़ा बनाना चाहती है MCC

Dhanbad: BCCL की दहीबाड़ी परियोजना में JMM और MCC के बीच हिंसक झड़प के बाद धनबाद के निरसा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है. JMM के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य अशोक मंडल ने रविवार को दहीबाड़ी में JMM के धरना स्थल में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि शनिवार को हुईं हिंंसक झड़प के जिम्मेदार निरसा के पूर्व विधायक अरुप चटर्जी हैं. उन्होंने कहा है कि मार्क्सवादी समन्वय समिति ( MCC) निरसा को धनबाद जैसा आउटसोर्सिंग कंपनियों में रंगदारी और खून-खराबा का अखाड़ा बनाना चाहती है. झामुमो किसी भी कीमत पर निरसा को धनबाद नहीं बनने देगा. उन्होंने कहा कि MCC आज के दिन में मनी कलेक्शन कमेटी बन गई है.

विस्थापित समस्या के लिए पिता-पुत्र जिम्मेदार

JMM नेता अशोक मंडल ने कहा, यहां के विस्थापित अपने हक के लड़ाई के लिये सजग है. उसके बाद भी निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी लोगों को बरगला कर रोटी सेंकना चाहते है. उन्होंने कहा यह सौभाग्य की बात है कि निरसा में ईसीएल, बीसीसीएल, डीवीसी के साथ औधोगिक प्रतिष्ठान है. लेकिन विस्थापितों की समस्या का हल नही हुआ. निरसा में पिता-पुत्र ( गुरुदास चटर्जी-अरुप चटर्जी) का 25 वर्ष तक राज चला. लेकिन विस्थापित समस्या के समाधान के लिए कोई पॉलिसी नही बनी. चाहे वह डीवीसी पंचेत के 10 हजार व मैथन के 5211 विस्थापित का मामला हो या ईसीएल चापापुर, कापासड़ा का मुद्दा हो या बीसीसीएल के पलासिया का.

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उन्होंने कहा जब यहां के लोग अपने हक के लिये लड़ रहे है तो वो यहां भीड़ जुटा कर अरुप क्या साबित करना चाहते हैं? पिता-पुत्र ने विस्थापितों के नाम पर ठगी का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार से भी 75 फीसद विस्थापित को रोजगार देने का प्रविधान है. ऐसे में बाहरी लोगों को आने की जरूरत नहीं है.

इस मौके पर बोदी लाल हांसदा, उपेंद्र नाथ पाठक, ठाकुर मांझी, बाबू जान मरांडी, देवेन टुडू, दिलीप महतो, फारुख अंसारी, अब्दुल रब, बीएन पाल, काली दास, दुलाल भंडारी, प्रदीप कुंभकार सहित अन्य उपस्थित थे.

प्रशासन ने दोनों पक्षों पर धारा 107 लगायी

दहीबाड़ी की घटना को लेकर कलियासोल के अंचलाधिकारी दिवाकर दुबे का कहना है कि कल की घटना को लेकर जांच की है. घटना को लेकर पूर्णवृति न हो इसको लेकर प्रशासन भी एहतियातन कदम के तहत दोनों पक्षों के विरुद्ध 107 करने का आदेश दे दिया गया है. स्थानीय स्तर से 144 धारा लगाने के लिये अनुशंसा आयेगी तब लगाया जायेगा. वही सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त बल के लिये सीआईएसएफ की मांग की गयी है.

पुलिस की चूक से हुई हिंसा: स्थानीय लोग

प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की चूक से शनिवार को दहीबाड़ी आउटसोर्सिंग बी पेंच में JMM और MCC समर्थकों के बीच हुई हिसंक झड़प हुई. मासस का यह कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था. इसकी जानकारी मासस समर्थकों ने स्थानीय पुलिस को पहले ही दे चुके थे. इसके बावजूद पंचेत ओपी पुलिस ने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती नहीं की थी. कल्याण चक के ग्रामीणों ने झामुमो के बैनर तले मासस समर्थकों को जब जुलूस लेकर आगे जाने से रोका तो कुछ ही पुलिसकर्मी मामले को शांति कराने में जुटे थे.

इसी बीच जुलूस में शामिल मासस समर्थकों के धक्के से झामुमो समर्थक बाबूजान जमीन पर गिरकर घायल हो गए. इससे झामुमो समर्थक उग्र हो गए. देखते ही देखते कल्याण चक के आदिवासी गांव से काफी संख्या में महिला व पुरूष तीर-धनुष, लाठी व कुल्हाड़ी लेकर पहुंच गए और जुलूस को आगे जाने से रोक दिया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई. पथराव शुरू हो गया. काफी कम संख्या होने के कारण भीड़ के सामने पुलिस की भी नहीं चली. इसके बाद मासस समर्थकों को वहां से भागना पड़ा.

बता दें कि मासस व झामुमो का विवाद 23 सितंबर 2021 से ही शुरू हो गया था. उस दौरान सद्भाव कंपनी के मजदूरों के बकाया व नई आने वाले कंपनी में रोजगार देने की मांग को लेकर महेश प्रसाद के नेतृत्व में मासस ने रैली निकाली थी. उस दौरान भी झामुमो समर्थकों ने रैली का विरोध किया था और दोनों ओर से झड़प हुई थी. पुलिस ने दोनों ओर से मामला दर्ज कराया गया था.

Nayika

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