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शिक्षक के जेल जाने के बाद स्कूल में लटका ताला, मैट्रिक का फॉर्म नहीं भर पा रहे छात्र

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Palamu: पलामू जिले के उग्रवाद प्रभावित व सुदूरवर्ती पांडू प्रखंड के बेलहारा स्थित सर्वोदय उच्च विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले 150 विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय होता दिख रहा है. इस स्कूल के एक मात्र शिक्षक मनीष कुमार पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है. वहीं, दूसरी ओर एक सप्ताह बाद भी इस स्कूल में किसी दूसरे शिक्षक की पदस्थापना नहीं हुई है. आने वाले 21 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू होने वाली है. लेकिन पिछले एक सप्ताह से स्कूल बंद है. ऐसे में विद्यार्थियों के सामने संकट है कि वे मैट्रिक परीक्षा का फॉर्म कैसे भरेंगे?

क्यों बंद है विद्यालय?

दरअसल, दो नाबालिग छात्रों को बेहतर शिक्षा दिलाने के बहाने पटना ले जाकर घर में नौकर का काम कराने और उन्हें प्रताड़ित करने के मामले में कार्रवाई कर स्कूल के एक मात्र शिक्षक को गत शनिवार को जेल भेज दिया गया है. शिक्षक पर बाल उत्पीड़न और हरिजन एक्ट के के तहत कार्रवाई की गयी है. इसके बाद से स्कूल में ताला बंद है और पढ़ाई ठप है.

150 बच्चे हैं नामांकित

विद्यालय में फिलहाल 150 से अधिक बच्चे नामांकित हैं. वे हर दिन शिक्षक की उम्मीद में विद्यालय तो आते हैं, लेकिन निराश होकर लौट जाते हैं. जिले के शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार से दो-तीन बार इस संबंध में जानकारी लेने के लिए मोबाइल पर संपर्क साधा गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

जल्द हो शिक्षकों की पोस्टिंग

मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सह अभिभावक संघ के अध्यक्ष किशोर पांडेय ने जिला शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार से शीघ्र ही स्कूल में दूसरे शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर पढ़ाई शुरू कराने का आग्रह किया है, जिससे मैट्रिक परीक्षा देने वाले बच्चों का भविष्य बच सके. उन्होंने कहा कि शिक्षक के अभाव में स्कूल बंद होना गैर-कानूनी है. सभी स्कूलों में मैट्रिक का फॉर्म भरने काम चल रहा है, जबकि इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.

कहां स्थित है विद्यालय?

यह स्कूल हुसैनाबाद, छत्तरपुर और पांडू के सीवान पर स्थित है. पिछले 9 सालों से इस स्कूल में मनीष कुमार पदस्थापित थे. इससे पूर्व स्कूल में कई शिक्षकों की पदस्थापना हुई, लेकिन अतिसंवेदनशील और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण किसी भी शिक्षक ने योगदन नहीं दिया. क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि एक शिक्षक के भरोसे कई सालों से यह स्कूल चल रहा था, लेकिन अब लग रहा है कि स्कूल में ताला ही लटका रहेगा.

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