न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मुख्य सचिव ने दिया निर्देश, स्कूलों के पुनर्गठन के बाद खाली पड़े भवनों का उपयोग सुनिश्चित करें

सभी जिले के डीसी विभागो को खाली पड़े भवनों की सूचना प्रेषित करें

1,371

Ranchi:  मुख्य सचिव डीके तिवारी ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव को निर्देश दिया है कि स्कूलों के पुनर्गठन के बाद खाली पड़े भवनों के उपयोग सुनिश्चित करें. जारी निर्देश में कहा है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्कूलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गयी है.

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के निर्धारित मापदंडों के आलोक में स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों में अभिवृद्धि एवं शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार के लिए  4223 स्कूलों का पुनर्गठन किया गया है. इस क्रम में सभी जिलों में कई स्कूल भवन खाली हो गये हैं.

जिसका वैकल्पिक उपयोग किया जाना आवश्यक है. ताकि लोक संसाधन का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके.

इसे भी पढ़ेंः पलामू: औद्योगिक सिलाई केंद्र के निर्माण में ईट के टुकड़े का इस्तेमाल, उपायुक्त ने लगायी कार्यपालक अभियंता को फटकार

hotlips top

भवनों के वैकल्पिक उपयोग का निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को अंतरविभागीय समन्वय के साथ जिला स्तर पर निरंतर अनुश्रवण कर भवनों के वैकल्पिक उपयोग का निर्देश दिया है.

प्रधान सचिव ने सभी जिले के उपायुक्तों से भी आग्रह किया है कि वे खाली भवनों की सूची विभिन्न विभागों को सौंपे. समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों को खाली भवनों की सूची ई-मेल पर भी शेयर करें.

इसे भी पढ़ेंः आरयू : छात्र पूछते हैं क्या समय पूरा हो पाएगा सत्र, इसपर वीसी देते हैं रेलगाड़ी की देरी का हवाला

भवन रहते नये निर्माण कार्य उचित नहीं

इन भवनों के रहते हुए विभिन्न विभागों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों परियोजनाओं के तहत जनहित कार्य के लिए नये लोक निर्माण कार्य किये जा रहे हैं. यह वर्तमान में उचित प्रतीत नहीं हो रहा है. इस क्रम में किसी विभाग को नये भवन की आवश्यकता है तो उसे खाली भवनों का इस्तेमाल प्राथमिकता पर किया जाना चाहिये. यदि खाली भवन में उपलब्ध स्थान पर्याप्त नहीं है तो आवश्यकतानुसार इस भवन को अपेक्षित विस्तार किया जाना चाहिये. इससे न्यूनतम लागत पर भवन का विस्तार हो जायेगा. सभी विभाग अपने अधीनस्थ कार्यालयों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रेषित करेंगे. किसी भी नये भवन के निर्माण से पहले संबंधित विभागीय पदाधिकारी जिले के उपायुक्त से एनओसी प्राप्त कर लेंगे.

इसे भी पढ़ेंः नेहरू ने आजाद भारत को अपने पैरों पर खड़ा किया, इसलिए हिन्दुस्तान आबाद है : गुलाम नबी आजाद

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

o1
You might also like