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जामताड़ा के बाद अब देवघर बना साइबर अपराधियों का ठिकाना, कमीशन के लिए युवा कर रहे क्राइम

Ranchi :  झारखंड में साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. साइबर अपराध के लिए  जामताड़ा का नाम सबसे पहले लिया जाता है. लेकिन  इस बीच हैरत करने वाली बात सामने आयी है. अब जामताड़ा के बाद देवघर जिला में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देवघर के साइबर ठगों ने कई राज्यों  पुलिस की नींद उड़ा रखी है. आये दिन विभिन्न राज्यों कि पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में देवघर आ रही है. वहीं देवघर साइबर थाना क्षेत्र में भी साइबर क्राइम का एक बड़ा रैकेट अपराध को अंजाम दे रहा है. पुलिस की लाख कोशिश के बावजूद साइबर क्राइम में कमी नहीं आ पा रही है.

देवघर में साइबर क्राइम के मामले इसलिए भी बढ़ रहे हैं क्योंकि जामताड़ा में पुलिस की सख्ती के बाद साइबर अपराधियों ने अपना ठिकाना बदल लिया. अब देवघर में साइबर क्राइम के मामले बढ़ गये हैं.

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देवघर से किए जा रहे हैं साइबर ठगी के सर्वाधिक कॉल

जानकारी के मुताबिक, राज्य पुलिस मुख्यालय ने 100 नंबर डायल पर आयी शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम का डाटा तैयार किया है. जिसके मुताबिक  देवघर से अब साइबर ठगी के सर्वाधिक कॉल किए जा रहे हैं. देवघर के 309 टावर लोकेशन और जामताड़ा के 180 टावर लोकेशन से आमलोगों को फर्जीवाड़ा संबंधित कॉल किए जा रहे हैं.

20 – 30 %कमीशन पर युवा कर रहे साइबर अपराध

देवघर जिला में पिंटु नाम का व्यक्ति साइबर अपराध का मास्टर माइंड है और उसके अंडर में 14 से 24 की उम्र के लड़के 20 – 30 % कमीशन पर काम करते हैं. पिंटू की आर्थिक स्थिती दयनीय थी, लेकिन साइबर अपराध करके ही उसने पांच सालों में ही काफी संपत्ति अर्जित कर ली है.

वहीं देवघर में कई जगहों पर युवाओं को साइबर ठगी का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. जिसे रोकने के लिए पुलिस काम कर रही है. इसी के लिए जिला में साइबर थाना खोला गया है. इसके अलावा  की अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है. बावजूद इसके साइबर अपराध के मामले बढ़ ही रहे हैं. फिलहाल देवघर में लगभग 200 साइबर अपराधी सक्रिय हैं.

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झारखंड में150 से ज्यादा साइबर अपराध के गिरोह हैं सक्रिय

झारखंड में साइबर अपराध के 150 गिरोह सक्रिय हैं. इनमें से कई गिरोहों को झारखंड पुलिस ने चिह्नित भी कर लिया है. फिर भी ये गिरोह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं. लेकिन पुलिस  की ओर से भी इन अपराधियों के सफाये के लिए तैयार है. अब कई अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की भी तैयारी चल रही है. क्योंकि साइबर क्राइम के ज्यादातर मामले एटीएम के ही सामने आ रहे हैं. अपराधी बूढ़े-बुजूर्ग या महिलाओं को ही साइबर क्राइम का शिकार बना रहे हैं.

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साइबर अपराधी इन तरीकों से कर रहे ठगी

1  बैंक का अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड का पिन या क्रेडिट कार्ड का ओटीपी लेना, यह तरीका पुराना है, लेकिन फिर भी अपराधी इस माध्यम से ठगी कर रहे है.

 

2  लॉटरी निकलने के नाम पर- साइबर अपराधी ईमेल के जरिए आपको एक, दो या पांच करोड़ रुपये की लॉटरी निकलने का दावा करते हैं. हर किसी के पास इस संबंध में मेल आता रहता है. रातों-रात करोड़ों की लॉटरी लगने के लालच में लोग अक्सर फंस जाते हैं.

 

3- प्रधानमंत्री योजना के नाम पर- इस योजना को लेकर एक ठग ने नकली सरकारी वेबसाइट बना डाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो करोड़ युवाओं को मुफ्त में लैपटॉप बांटने की झूठी जानकारी देकर ठगी करने की योजना बना डाली. विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर ऐसी फर्जी वेबसाइट बनाई जाती है और लोगों को ठगने का काम किया जाता है.

 

4  ऑनलाइन सामान खरीदारी के नाम पर-  ऐसी साइटों से आपका नंबर लेकर ठग सामान खरीदने के लिए फोन करते हैं. फिर एक लिंक भेजकर कहते हैं कि इससे हम आपको ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं. जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके पैसे निकाल लिए जाते हैं.

 

5  विदेशों में नौकरी का लालच देकर ठगी- नौकरी के लिए लोग अमूमन कई वेबसाइट में अपना बायोडाटा अपलोड करते हैं. उससे साइबर अपराधी डाटा निकाल लेते हैं. फिर फोन या ईमेल से आपसे संपर्क किया जाता है. जो विदेशों में नौकरी के लालच में फंस जाते हैं, उससे लाखों रुपये ठग लिए जाते हैं.

 

6  विदेशी दुल्हन या दूल्हे से रिश्ते की आड़ में ठगी- साइबर अपराधी लोगों को अपनी आइडी पर किसी विदेशी लड़की की फर्जी फोटो लगाकर फंसाते हैं. फोन करके या संदेश भेजकर साइबर अपराधी कहते हैं कि आपके लिए एक महंगा उपहार लाया जा रहा था, लेकिन  हवाईअड्डे पर कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है और तुरंत पैसा भेजें. लोग उपहार के लालच में पैसा गंवा देते हैं.

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Nayika

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