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रमेश हांसदा के बाद एकता विकास मंच ने JSSC में हिंदी को हटाने के मामले में हाईकोर्ट में दायर की याचिका

क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं की श्रेणी हिंदी और अंग्रेजी को बाहर करने का मामला

Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा( जेएसएससी) की नियमवाली में संशोधन कर क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं की श्रेणी से हिंदी और अंग्रेजी को बाहर करने के खिलाफ प्रार्थी रमेश हांसदा के द्वारा रिट याचिका दायर की गयी थी. इसके बाद सरायकेला- खरसावां जिले की एक सामाजिक संस्था एकता विकास मंच ने हिंदी भाषा को जोड़ने की मांग करते हुए जनहित याचिका मंगलवार को दायर की है.

बता दें इससे पहले 24 सितम्बर को प्रार्थी रमेश हांसदा ने जेएसएससी नयी नियमवाली के खिलाफ अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज, कुमारी सुगंधा और अधिवक्ता तान्या सिंह के माध्यम से रीट याचिका दायर करके इसे रद्द करने की मांग की थी.

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ये कहा गया है याचिका में

याचिका में कहा गया है कि उर्दू को जनजातीय भाषा की श्रेणी में राजनीतिक मंशा के कारण रखा गया है. झारखण्ड के ज्यादातर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माध्यम हिंदी है जबकि उर्दू की पढ़ाई एक खास वर्ग के लोग मदरसे में करते हैं. ऐसे में किसी खास वर्ग को सरकारी नौकरी में अधिक अवसर देना और हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के मौके में कटौती करना संविधान की भावना के मुताबिक सही नहीं है. इसलिए राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई नियमवाली को निरस्त किया जाना चाहिए.

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