न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के बाद मोदी सरकार ला रही ‘खरीद गारंटी योजना’

अगले चंद महीनों में किसानों के कई बड़े तोहफे देने की तैयारी

756

New Delhi: केन्द्र सरकार ने कई खरीफ फसलों का एमएसपी बढ़ाने की घोषणा की. अब किसानों के लिए मोदी सरकार एक और तोहफा ला रही है. किसानों की फसल समय से पूरी बिक जाए, इसके लिए खरीद गारंटी योजना पर सरकार काम कर रही है. अगर ये कानून बनाकर धरातल पर उतारा जाता है तो किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीलना अधिकारियों की मजबूरी होगी. पैदावार की व्यापक खरीद अथवा इसका लाभ सभी किसानों को दिलाने की दिशा में प्रस्तावित खरीद गारंटी योजना को लेकर कई उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं.

मंडी कानूनों में होगा बड़ा बदलाव

किसान संगठनों ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान ये तर्क दिया था कि एमएसपी में होने वाली वृद्धि का फायदा सीमित किसानों तक ही पहुंचता है. जिन राज्यों में सरकारी खरीद प्रणाली है, उन्हें ही इसका फायदा हो सकता है. लेकिन सरकार ने एमएसपी का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाने का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए खरीद प्रणाली व्यापक बनाने के लिए अहम बदलाव करने की जरूरत है. इसके लिए राज्य सरकारों को भी साथ खड़ा होना होगा. जिसके तहत मंडी कानून समेत कई और कानूनों में संशोधन करना होगा.

इसे भी पढ़ें- साल में दो बार आयोजित होगी नीट (NEET) और जेईई (JEE) की परीक्षा, छात्र खुद करेंगे परीक्षा की तिथि का चुनाव

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 9 मंत्रियों ने तैयार की योजना

न्यूनतम समर्थन मूल्य या उससे अधिक रेट पर किसानों की फसल खरीदने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में नौ वरिष्ठ मंत्रियों का एक समूह गठित किया गया था. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कमेटी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी है. सूत्रों से मिली जानकारी की माने तो सभी सरकारी मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य और खुले बाजार में चल रहे भाव का रेट चार्ट लगा होगा. अगर खुले बाजार में कोई अनाज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम में बिक रहा है, तो मंडी के व्यापारी एसएसपी पर ही किसान से अनाज खरीदेंगे. बाकी का पैसा किसानों के खाते में सीधे सरकार भेजेगी. मूल्य के अंतर वाली धनराशि को केंद्र व राज्यों को संयुक्त रूप से वहन करना पड़ सकता है.

कैसे मिलेगी खरीद की गारंटी ?

अगर कोई किसान मंडी में अनाज लेकर गया और व्यापारी ने उससे अनाज खरीदने से मना कर दिया तो किसान एक दिए नंबर पर फोन कर अपनी शिकायत लर्ज करवा देगा. 24 घंटे के अंदर अफसर उस किसान के घर जाकर अनाज का सैंपल लेंगे. अगर किसान की अनाज में कोई गड़बड़ी नहीं मिली (जैसे मिलावट या किड़े लगना इत्यादि) तो किसान को इसका मुआवजा दिया जाएगा.

इसे भी पढ़ें- राहुल गांधी का ड्रेस कोड फॉलो करेगा कांग्रेस सेवा दल, कुर्ता के साथ पहनेंगे नीली जींस

सूत्रों का कहना है कि कृषि पैदावार का उचित मूल्य दिलाने के लिए चीनी की तर्ज पर सरकार न्यूनतम खरीद मूल्य निश्चित कर दे, ताकि निर्धारित मूल्य से नीचे खरीद बिक्री न हो सके.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: