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NEWSWING SPECIAL : जामताड़ा के बाद झारखंड के घाटशिला पर बनेगी वेब सीरीज, नक्सलवाद पर है आधारित

इकबाल दुर्रानी हैं लेखक और निर्देशक, इससे पहले साइबर क्राइम पर केंद्रित जामताड़ा नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है

Arun Singh

जामताड़ा के बाद झारखंड के एक और शहर पर वेब सिरीज बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. जामताड़ा वेब सिरीज साइबर क्राइम पर केंद्रित थी, जबकि यह वेब सिरीज नक्सलवाद पर आधारित होगी. इस वेब सिरीज का नाम है घाटशिला. पश्चिम बंगाल से सटा घाटशिला  का इलाका दो दशक से भी अधिक समय से नक्सली हिंसा की हिंसा की चपेट में रहा है. घाटशिला पुलिस पर हमला, बीडीओ के अपहरण और नक्सिलियों के  प्रतिकार में गठित  नागरिक सुरक्षा समिति के बीच अनेक रक्तपात की घटनाओं का साक्षी रहा है. शनिवार की रात  दिल्ली के पांच सितारा होटल सूर्या में  वेब सीरीज ‘घाटशिला  के निर्माण के लिए एग्रीमेंट की औपचारिकता पूरी की गयी. इस फिल्म को डायरेक्ट करेंगे सुप्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक, लेखक और कलाकार इकबाल दुर्रानी. इसका प्रोडक्शन हिंदी मासिक पत्रिका ‘पीसमेकर ‘ के बैनर तले किया जायेगा. बीती रात इकबाल दुर्रानी एवं पीसमेकर के पब्लिशर-एडिटर संतोष सरस ने एग्रीमेंट पेपर साईन किया.

जामताड़ा' वेब सीरीज से आइडिया लेकर लोगों को चूना लगाने वाले दो शातिर  गिरफ्तार - Two arrested for looting people affected by Jamtara web series –  News18 Hindi
वेब सिरीज जामताड़ा साइबर क्राइम पर आधारित है और नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है.
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5 एपिसोड होंगे, झारखंडी कलाकारों को भी मिलेगा मौका  

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एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद इकबाल दुर्रानी ने बताया कि घाटशिला की थीम नक्सली-पुलिस और ग्रामीण पर आधारित होगी. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से देश के कई जंगलवर्ती हिस्से में रहने वाले गरीब-गुरबा हलकान और परेशान रहते हैं. पुलिस एवं नक्सलियों की जंग में गांव वालों को भी पिसना पड़ता है. लेकिन झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर ) जिलान्तर्गत घाटशिला सब-डिवीजन में ज्यादातर नक्सलियों को सोशल पुलिसिंग के सहारे मुख्यधारा में शामिल करने में पुलिस ने सफलता प्राप्त कर अन्य जगहों के पुलिस-प्रशासन के लिए जबरदस्त उदाहरण पेश किया है. बकौल इकबाल दुर्रानी एवं प्रोड्यूसर संतोष सुमन जंगल-पहाड़ियों से घिरे स्वर्णरेखा नदी के तट पर अवस्थित घाटशिला की धरती में तांबा, यूरेनियम, सोना, पन्ना समेत कई खनिजों का अकूत भंडार है. बावजूद इसके घाटशिला (सुवर्णरेखा) के हर घाट -हर शिला पर नक्सलवाद के खून के छींटें पड़े हैं. निर्माता-निर्देशक द्वय ने बताया कि फिल्म में बालीवूड के कलाकारों के अलावा झारखंड के कलाकारों को भी भरपूर मौका मिलेगा. वेब सीरीज ‘ घाटशिला ‘ को पांच एपिसोड में पूरा करने की योजना है.

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चाईबासा में हुई है इकबाल की शिक्षा, सामवेद का कर रहे अनुवाद

बता दें कि इकबाल दुर्रानी लगभग डेढ़ साल पहले घाटशिला जेल में बंद भाकपा माओवादी नेता कान्हू मुंडा उर्फ मंगल उर्फ अर्जुन उर्फ मास्टर जी से मुलाकात कर चुके हैं.  दुर्रानी जंगल-पहाड़ियों के बीच उन गांवों का भी दौरा कर चुके हैं, जहां सांसद सुनील महतो, इंस्पेक्टर सुशील नाग, नागरिक सुरक्षा समिति के महासचिव धनाई बास्के एवं 11 पुलिस जवानों की हत्या नक्सलियों ने की थी. बकौल दुर्रानी फिल्म सत्य घटनाओं पर आधारित होगी और इसकी शूटिंग भी संबंधित जगहों पर किये जाने की योजना है.  इकबाल दुर्रानी हिंदी फिल्मों के जामेनाने लेखक और पटकथा लेखक हैं, वह 1988 से फिल्मों में सक्रिय हैं और  कालचक्र, मेरा शिकार, खोज, मजबूर, शिवा,  शानदार, इज्जत, मुकद्दर का बादशाह, बेनाम बादशाह, इंसानियत का देवता, जख्मी औरत, फूल और कांटे, दिल आशना है, कोहराम, सौगंध आदि फिल्मों की कहानी और पटकथा लिख चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने धरतीपुत्र, खुद्दार, बेताज बादशाह, मिट्टी, दुकान,  हम तुम-दुश्मन दुश्मन आदि फिल्मों का निर्देशन भी किया है. बिहार के बांका में जन्में इकबाल दुर्रानी की ने टाटा कालेज चाईबासा ेस पढ़ाई की है. इकबाल सामवेद का अनुवाद हिंदी एवं उर्दू में कर रहे हैं.

बिहार के हैं युवा पत्रकार संतोष सरस हैं घाटशिला के प्रोड्यूसर

सहरसा ( बिहार ) के रहने वाले संतोष युवा पत्रकार हैं। दूरदर्शन एवं आंखों देखी से वर्षों तक जुड़े रहे संतोष अब पुलिस पर केंद्रित मासिक पत्रिका ‘ पीसमेकर ‘ का प्रकाशन एवं.संपादन दिल्ली से करते हैं. फिल्मी दुनिया में फिल्म ‘ घाटशिला ‘ के सहारे कदम रख रहे हैं.

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