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मनिका में जनसुनवाई के बाद आदिम जनजाति परिवार को मिल रही धमकी, सनहा दर्ज

2,006

Latehar: सरकारी योजनाओं की हकीकत प्रशासनिक जनसुनवाइयों में सामने आती रहती है. इसके बाद कार्रवाई भी होती है. वहीं कई मामलों में इनमें आवाज उठाने वाले लोगों को धमकी भी मिलती है. इसका ताजा उदाहरण है मनिका प्रखंड में 13 दिसंब को हुई प्रशासनिक जनसुनवाई. इस जनसुनवाई में राशन, पेशन, छात्रवृति के मामलों में गड़बड़ी उजागर होने के बाद शिक्षक और डीलर के द्वारा धमकी दिये जाने की बात कही जा रही है. मामला मनिका थाना पहुचां और सनहा दर्ज कर लिया गया है. महवीर परहिया ने राशन डीलर दिनेश राय और पारा शिक्षक कृष्णा राम से जानमाल की क्षति का अंदेशा जाहिर किया है.

कब हुई थी जनसुनवाई

13 दिसंबर प्रखंड मुख्यलाय के समक्ष हुई जनसुनावई में डाकिया योजना, पेंशंन योजना एवं छात्रो को मिलने वाली छात्रवृति को लेकर एक नम्बर से 10 नवम्बर तक सर्वे कराया गया था. जिसमें गड़बड़ी समाने आयी थी. कुल 325 परिवारों के बीच सर्वे किया गया था. सर्वे में  सरकारी योजना का लाभ 40 प्रतिशत परिवार को नही मिलने का मामला समाने आया. जिसमें डीलर से लेकर शिक्षक तक की भूमिका पर संदेह पैदा हुआ और अनुमंडल अधिकारी ने सभी विषय पर जांच कर कार्रवाई की बात कही. सर्वे और जनसुनवाई में शामिल महावीर परहिया को शिक्षक और राशन डीलर के द्वारा लगातार धमकाया जा रहा है. इस पर महावीर परहिया ने मनिका थाना में सनहा दर्ज कराया है.

क्या है महावीर के सनहा में

महावीर ने सनहा में लिखा है कि ग्राम उचवाल में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के आदिम जनजाति के छात्रों का छात्रवृति नही मिल रही है. शिक्षक कृष्णा राम द्वारा बैक खाता को अपने पास रखे जाने एवे डाकिया योजना का सही लाभ नही मिलने का मामला जनसुनवाई में उजागर हुआ था. इसके बाद से शिक्षक कृष्णा राम और डीलर दिनेश राय के द्वारा लगातार धमकी मिल रही है. शिकायत में महावीर परहिया ने लिखा है 2009 में जब राशन और पेशन का सर्वे चल रहा था, उस दैरान भी पारा टीचर कृष्णा राम के द्वारा माओवादियों को फोन करके बता दिया गया था. इसके बाद दो सामाजिक कार्यकर्ता की पिटाई हुई थी. इस हालत में अगर मेरे परिवार के किसी सदस्य को किसी प्रकार की क्षति पहुंचायी जाती है तो, कृष्णा राम पारा टीचर और दिनेश राय राशन डीलर जिम्मेवार होंगे.

जनसुनवाई में शिक्षक और राशन डीलर पर लागा था आरोप

आदिम जनजाति के बच्चों को छात्रवृत्ति न मिलने व शिक्षक कृष्णा द्वारा बच्चों का बैंक खाता, आधार अपने पास रख लेने का मामला सामने आया. इस बारे में फूलमति परेयया ने बताया कि उनके तीन बच्चे स्कूल में हैं. विद्यालय के शिक्षक द्वारा उनका बैंक खाता और आधार अपने पास रख लिया गया था. बच्चों को आज तक एक भी पैसा नहीं मिला है. वही राशन डीलर के द्वारा आदिम जनजाति परिवार को कम अनाज देने का मामला उजगार हुआ था. जनसुनवाई के ज्यूरी सदस्यों के रूप में लातेहार के अनुमंडल पदाधिकारी जय प्रकाश, अशर्फीनंद प्रसाद, अफजल अनीस, प्रो. ज्यां द्रेज, जवाहर मेहता, असरिता तिर्की, तारामनी साहू मौजूद थे.

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