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चुनाव आयोग के बैन के बाद अब हनुमान जी की शरण में योगी, पढ़ा चालीसा

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Lucknow : चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सांप्रदायिक बयान देने के मामले में मंगलवार से अलग-अलग अवधि के लिये चुनाव प्रचार करने से रोक दिया है. जिसके बाद योगी ने इस बैन का काट खोज निकाला है. वह अब मंदिर में हनुमान चालीसा पढ़ने जा रहे हैं.

यह पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री के प्रचार अभियान में हिस्सा लेने पर देशव्यापी रोक लगायी गयी है. आयोग ने सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर योगी को मंगलवार (16 अप्रैल) को सुबह छह बजे से अगले 72 घंटे तक देश में कहीं भी किसी भी प्रकार से चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने से रोक दिया है. चुनाव आयोग की ओर से लगे प्रतिबंध के बाद योगी आदित्यनाथ 16, 17 और 18 अप्रैल तक कोई चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे.

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हनुमान सेतु मंदिर पहुंचे योगी

हालांकि रोक के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह करीब नौ बजे लखनऊ के हनुमान सेतु मंदिर पहुंचे. योगी इस मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया. लगभग 15 मिनट तक योगी मंदिर में रुके उसेक बाद वह चले गए. इस दौरान योगी ने किसी से कोइ बात नहीं की. उल्लेखनीय है कि आयोग द्वारा योगी के भाषण पर रोक लगाया गया है. इसमें मंदिर जाने पर प्रतिबंध शामिल नहीं है. ऐसे में योगी मंदिर जा सकते हैं.

मंगलवार को राजनाथ सिंह नामांकन दर्ज करने वाले हैं. और योगी इस नामांकन प्रकिया में शामिल नहीं हो सकेंगे. वहीं हनुमान मंदिर में राजनाथ सिंह भी आने वाले थे लेकिन वह नहीं पहुंचे. राजनाथ के साथ मोहनलालगंज संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार कौशल किशोर भी आज ही नामांकन दर्ज करेंगे.

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2014 में इन नेताओं के चुनाव प्रचार पर लगी थी बैन

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अप्रैल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने भाजपा नेता गिरिराज सिंह को झारखंड और बिहार में प्रचार करने से रोका था. पिछले चुनाव के दौरान ही आयोग ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और सपा नेता आजम खान को उत्तर प्रदेश में प्रचार करने से रोका था.

आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने योगी के मामले में स्थिति को स्पष्ट करते हुये बताया कि यह पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री को पूरे देश में निर्धारित अवधि के लिये चुनाव प्रचार करने से रोका गया हो.

आयोग के प्रधान सचिव अनुज जयपुरिया द्वारा जारी आदेश में योगी को कड़ी फटकार लगाते हुये कहा गया है कि नेता इस अवधि में किसी भी जनसभा, पदयात्रा और रोड शो आदि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. इतना ही नहीं वे प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में साक्षात्कार भी नहीं दे सकेंगे.

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