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कोरोना के बाद अब जीका वायरस का खतरा, जानिए कितना खतरनाक है ये…

Uday Chandra Singh

NEW DELHI: देश में अब कोरोना वायरस के बाद अब जीका वायरस का खतरा उत्पन्न हो गया है. केरल में अब तक जीका वारयस के कुल 14 मामलों की पुष्टि के बाद राज्य सरकार को सतर्क कर दिया गया है. केंद्र ने जीका वायरस की स्थिति की निगरानी के लिए विशेषज्ञों की एक टीम को केरल रवाना कर दिया है.

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केरल से राष्ट्रीय विषाणु संस्थान को जांच के लिए 19 नमूने भेजे गए थे जिनमें से 13 में जीका वायरस की पुष्टि हुई है. इसके लक्षण डेंगू की तरह है, जिसमें बुखार, चकत्ते के अलावा जोड़ों में दर्द होता है. केरल में जीका वायरस की स्थिति पर नजर रखने और मामलों के प्रबंधन में राज्य सरकार को सहयोग देने के लिए विशेषज्ञों का छह सदस्यीय केंद्रीय दल दक्षिणी राज्य के लिए रवाना हो चुका है. इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, मच्छर जनित रोगों के विशेषज्ञ और एम्स के विशेषज्ञ आदि शामिल हैं. जीका वायरस का पहला मामला बुधवार को तिरुवनंतपुरम में आया था, जहां एक 24 वर्षीय गर्भवती महिला इसकी चपेट में आई.

क्या है जीका वायरस ?

जीका वायरस संक्रमण एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है. यह मच्छरों की एडीज प्रजाति द्वारा फैलता है, आमतौर पर एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस इसके लिए जिम्मेदार होते हैं. एडीज मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया के वायरस भी फैलाते हैं. जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खून को खाने से मच्छर संक्रमित हो जाता है. मच्छर तब अपने काटने से दूसरे लोगों में वायरस फैलाने में सक्षम होता है. जीका वायरस गर्भवती होने पर संक्रमित महिलाओं से पैदा हुए बच्चों में माइक्रोसेफली पैदा कर सकता है. माइक्रोसेफली एक दुर्लभ जन्म दोष है जिसमें बच्चे का सिर अपेक्षा से छोटा होता है, जो मस्तिष्क के विकास की समस्याओं से संबंधित हो सकता है. अन्य संभावित नकारात्मक गर्भावस्था परिणामों में नवजात शिशु में सुनने की समस्याएं और बिगड़ा हुआ विकास शामिल हैं.

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