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चाईबासा शहर के बाद अब हाट गम्हरिया में भालुओं का आतंक, किसान पर हमला कर सिर और चेहरा नोंच डाला

Jamshedpur  : चाईबासा शहर में पिछले चार दिन से जारी भालू का आतंक अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार की सुबह हाट गम्हरिया प्रखंड के बलियाडीह थाना अंतर्गत बीचाबुरु गांव में एक किसान पर दो भालुओं ने हमला कर दिया. भालुओं के हमले में किसान राम चांपिया बुरी तरह घायल है. भालुओं ने उसके सिर और चेहरे को बुरी तरह चीर-फाड़ डाला है. राम की चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के लोग जुटे तब भालू उसे छोड़ कर भाग निकले. तब तक राम बेहोश हो चुका था. उसकी पत्नी पुरुगुल चांपिया उसे लेकर पीएचसी पहुंची. वहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

राम को मरा समझ कर छोड़ा भालुओं ने
जानकारी के अनुसार राम चांपिया सुबह के सात बजे अपने खेत में काम कर रहा था. वह अपने घर से निकलनेवाली नाली के पानी का रुख अपने खेत की ओर मोड़ रहा था. तभी अचानक दो दो भालू वहां आ धमके और राम चांपिया पर हमला कर दिया. राम को बुरी तरह नोचने-खसोटने के बाद भालुओं ने उसे मरा समझ कर छोड़ दिया. तब तक चीख-पुकार सुन आसपास के लोग पहुंचे, तो भालू भाग गये. बता दें कि बलाईडीह का क्षेत्र चारों घने जंगलों से घिरा है. पिछले एक साल से अक्सर उस इलाके  में भालू विचरण करते रहते हैं.  एमजीएम में भर्ती राम चांपिया की हालत गंभीर बनी हुई है. भालुओं के हमले से ग्रामीण दहशत में हैं.

चाईबासा क्षेत्र में चार दिनों से है भालू का आतंक
इधर चाईबासा में पिछले चार दिनों से भालू का आतंक जारी है. वन विभाग की 40 सदस्यीय टीम भालू को पकड़ने के काम में जुटी है. बाता दें कि जंगल से भटक कर आये एक भालू ने पिछले मंगलवार को चाईबासा शहर के गांधी टोला और धोबी टोला में मीना देवी, अमीना खातून, कुंती देवी और अनादि लाल साहू पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था. उसके बाद भालू  गांधी टोला में संदीप साव के जंगलनुमा प्लॉट में घुस गया था. उसकी निगरानी के लिए दर्जनों बार ड्रोन कैमरे उड़ाये गये, मशाल भी जलायी गयी, लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका. सीसीटीवी कैमरे में वह शहर के संत मेरी स्कूल के पास देखा गया. इलाके के लोग डरे हुए हैं कि पता नहीं भालू कब किधर से निकलकर हमला कर दे.  चाईबासा सदर एसडीओ शचिंद्र बड़ाईक ने शहरवासियों से सतर्क रहने की अपील की है.

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आखिरी बार रोरो नदी के पास देखा गया था भालू
भालू के बारे में बताया जा रहा है कि बुधवार को वह रोरो नदी की ओर निकल गया. अंतिम बार भालू को जहां देखा गया, वह स्थल रोरो नदी से करीब ढाई सौ मीटर दूर है. वन विभाग ने एहतियात के तौर पर रांची के बिरसा जू से भालू को पकड़ने वाला पिंजरा और ट्रेंक्विलाइजर गन भी मंगायी है. डीएफओ नीतीश कुमार, सारंडा वन प्रमंडल के सलंग्न पदाधिकारी प्रजेशकांता जेना, चाईबासा वन प्रमंडल के संलग्न पदाधिकारी अहमद बिलाल अनवर समेत वन विभाग की पूरी टीम शुक्रवार को भी भालू के पीछे हलकान रही.

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