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बंधु तिर्की के बाद प्रदीप यादव भी JVM से बाहर, बाबूलाल का अब BJP में जाना महज औपचारिकता

Ranchi: झारखंड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा गया है. बंधु तिर्की के बाद अब विधायक प्रदीप यादव को भी जेवीएम से बाहर कर दिया गया है. इसकी अधिकारिक पुष्टि पार्टी के महासचिव अभय सिंह ने की.

जिस तरह से प्रदीप यादव को जेवीएम ने पार्टी से बाहर किया ठीक उसी तरह से बंधु तिर्की को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. जेवीएम की तरफ से दो दिन पहले प्रदीप यादव को एक नोटिस दिया गया था. नोटिस में आरोप लगाया गया था कि प्रदीप यादव ने पार्टी के खिलाफ अखबारों में बयानबाजी की है.

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साथ ही सीएए और एनआरसी को लेकर पार्टी लाइन से अलग काम किया है. प्रदीप यादव ने सीएए के खिलाफ मंच से जनता के बीच भाषण दिया है. जबकि इन मामलों पर पार्टी का पक्ष अभी तक साफ नहीं है. नोटिस में इस बात का भी उल्लेख था कि प्रदीप यादव और बंधु तिर्की दोनों ही ने दिल्ली में कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की है.

तमाम बातों को आधार मान पार्टी की तरफ से प्रदीप यादव से 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया था. जाहिर है ऐसा प्रदीप यादव को पार्टी से बाहर किये जाने के लिए किया जा रहा था.

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बंधु तिर्की को पार्टी से निकालना एक राजनीतिक स्टंट

बाबूलाल मरांडी ने कार्यसमिति को भंग कर दोनों विधायकों से पार्टी का हर पद छीन लिया. अब वो एक साधारण विधायक थे. चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी काम करने का आरोप लगा कर बंधु को पार्टी से बाहर किया.

जिसके बाद प्रदीप यादव और बंधु तिर्की एक साथ राजनीतिक समीकरण बनाते दिखे. बंधु और प्रदीप ने मीडिया के सामने दसवीं अनुसूची के कानूनों का हवाला देते हुए यह बताया कि बंधु तिर्की को पार्टी से निकालने के बावजूद बाबूलाल जेवीएम का विलय बीजेपी में नहीं कर सकते. लेकिन दूसरे दिन ही सोनिया और राहुल के साथ उनका फोटो वायरल हुआ.

कांग्रेस की शरण में जाने के बाद दोनों विधायकों का जेवीएम का बीजेपी में विलय का विरोध अपने-आप ठंडे बस्ते में चला गया. दूसरी तरफ बाबूलाल भी अब आसानी से अपनी सेना के साथ बीजेपी में विलय कर सकते हैं. अब पार्टी प्रदीप यादव को बाहर करने के बाद जल्द ही जेवीएम का बीजेपी में विलय हो सकता है.

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