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बिना टेंडर जमशेदपुर व सरायकेला पावर ग्रिड निजी हाथों में सौंपना चाह रहा है बिजली बोर्ड

Chhaya

Ranchi: टेंडर निकलना और टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही बरतना झारखंड में आम बात है. लेकिन बिना टेंडर निकाले ही किसी काम को निजी हाथों से कराने की कोशिश की जायें, तो बात अजीब लगती है. खास कर ये काम ऐसे विभाग से कराया जाये, जिस विभाग के मंत्री राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास हैं.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ही झारखंड उर्जा विभाग के मंत्री हैं. ऊर्जा विभाग में पिछले कुछ दिनों से ये गतिविधियां हो रही हैं. सूत्रों से जानकारी मिली है कि बिजली बोर्ड बिना कोई टेंडर निकाले ही जमशेदपुर और सरायकेला पावर ग्रिड के कार्य निजी हाथों को सौंपना चाह रहा है.

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उर्जा सचिव वंदना डाडेल ने जतायी आपत्ति

विभाग ने जमशेदपुर पावर ग्रिड को टाटा पावर और सरायकेला पावर ग्रिड को जुसको को देने की तैयारी की है. जानकारी के मुताबिक उर्जा सचिव वंदना डाडेल ने कई बार विभाग की इस कोशिश पर अपनी आपत्ति जतायी. उन्होंने इस काम को टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही निजी हाथों को देने की बात कही.

जानकारी मिली है कि इस मामले को लेकर सत्ता शीर्ष और उर्जा विभाग के सचिव वंदना डाडेल के बीच नोंक-झोंक भी हुई.

सचिव ने ली छुट्टी, प्रभार में विभाग

दोनों पावर ग्रिड का काम बिना टेंडर कराये निजी हाथ में सौंपने की संचिका पर सचिव वंदना डाडेल ने लगभग तीन माह तक अपनी सहमति नहीं दी. बताया जाता है कि इस कारण सत्ता शीर्ष और ऊर्जा सचिव के बीच अनबन इस हद तक बढ़ी की वंदना डाडेल ने लंबी छुट्टी की अर्जी दे दी. पिछले 21 अक्टूबर से सचिव छुट्टी पर है.

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वंदना डाडेल के छुट्टी पर जाने के बाद सरकार ने ऊर्जा सचिव का प्रभार आइएएस एल. ख्यातंगे को दिया है.  इधर, झारखंड ऊर्जा वितरण निगम लिमिटेड की ओर से दीपावली के बाद आयोजित बोर्ड बैठक में जमशेदपुर पावर ग्रिड का कार्य टाटा पावर और सरायकेला पावर ग्रिड का कार्य जुसको को देने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया. दो अक्टूबर से राज्य में आचार संहिता लागू कर दिया गया. जिसके कारण फिलहाल कार्य रूका है.

मैन फोर्स से लेकर संसाधन तक रहेंगे JBVNL के

जमशेदपुर और सरायकेला पावर ग्रिड का कार्य जेबीवीएनएल की ओर से संचालित है. अगर सरकार की ओर से दोनों पावर ग्रिड को निजी हाथों को सौंप दिया गया तो, मैन फोर्स से लेकर सभी संसाधन जेबीवीएनएल के होंगे.

इसमें सिर्फ उत्पादन और वितरण का कार्य टाटा पावर और जुसको की ओर से किया जायेगा. खुद कुछ अधिकारियों को भी कहना है कि इससे कुछ अधिक फायदा नहीं है, लेकिन जेबीवीएनएल की बोर्ड में इसे पास कर दिया गया. वो भी बिना टेंडर निकाले.

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