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14 माह के प्रशिक्षण के बाद झारखंड को मिले 2504 नये दारोगा, 210 महिला दारोगा भी शामिल

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Ranchi: 14 माह के प्रशिक्षण के बाद राज्य को सोमवार को 2504 नये दारोगा मिले हैं. झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग में परेड के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कार्यक्रम की शुरुआत की.

सीएम ने शुरुआत खुली जीप से परेड का निरीक्षण कर किया. बता दें कि 2504 में 210 महिला दारोगा ने प्रशिक्षण पूरा किया है. बताया जा रहा है कि 2504 दारोगा में से 2012 झारखंड के, 419 बिहार के, 50 उत्‍तर प्रदेश के निवासी हैं.

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सीएम रघुवर दास ने दी बधाई

मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने हजारीबाग के पुलिस अकादमी में एक सादे समारोह में सोमवार को 2504 दारोगा सौंपे. सीएम ने इन सभी दारोगा को उनके उज्‍जवल भविष्‍य की शुभकामनाएं दीं.

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उन्‍होंने कहा कि सुशासन के लिए अपराध मुक्त झारखंड बनाना हमारी प्राथमिकता है. इनमें दारोगा का योगदान महत्‍वपूर्ण है. सीएम ने कहा कि पहले पुलिस पदाधिकारियों का प्रशिक्षण राज्य से बाहर कराया जाता था.

इसकी जब हमें जानकारी मिली तब हमने राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों हजारीबाग, नेतरहाट को समृद्ध बनाया.

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210 महिलाओं को दी जाएगी स्पेशल ट्रेनिंग

210 महिलाओं को स्पेशल ब्रांच की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. ये 210 महिलाएं इसी बैच की प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन्हें 3 माह की अतिरिक्त ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि पुलिस को जो सूचना संकलन में विलंब और परेशान हो रही है उसे दूर किया जा सके.

बता दें कि झारखंड पुलिस अकादमी में 70, पदमा पुलिस ट्रेनिंग में 70 और वार फेयर स्कूल नेतरहाट में 70 महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई है.

नक्सलवाद को दूर करने में सहयोगी होंगे

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प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी कहते थे कि यह झारखंड की सरकार है और रांची से चलेगी.  कांग्रेस पर मलाईदार विभागों के लिए ब्लैक मेलिंग का भी लगाया आरोप

डीजीपी कमल नयन चौबे ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति हो रही है ये गर्व की बात है. ये नियुक्तियां स्वच्छ व पारदर्शी तरीके से हुई है. सभी को उनकी नियुक्ति के लिए बधाई.

सरकार और जनता को आपसे उम्मीदें हैं. प्रशिक्षु अवर निरीक्षक गेमचेंजर के रूप में साबित होंगे. आपके सहयोग से नक्सलवाद की समस्या के निवारण को महत्वपूर्ण आयाम मिलेगा.

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ये होंगे नये दारोगा के हर माह के काम

 पहला महीना:- इस दौरान दारोगा थाना में दैनिक अपराध रिपोर्ट, अपराध मानचित्र और चार्ट बनाएंगे. निरीक्षक और थानेदार के साथ पेट्रोलिंग करेंगे.

दूसरा महीना:- सभी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में अपराधी अड्डे पर नजर रखेंगे. सूचना एकत्र करेंगे और चौकीदारी परेड सीखेंगे.

तीसरा और चौथा महीना:- कमांडो अनुसंधान में शामिल होंगे. वैज्ञानिक विधि से सबूत जुटाएंगे, स्वतंत्र तरीके से केस डायरी लिखना सीखेंगे, राजनीतिज्ञ,पत्रकार, पंचायत सदस्य,आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ता से मिलकर जनसंपर्क का तरीका सीखेंगे. साथ ही अपने निरीक्षक के साथ दंगा और उपद्रव से निपटने के लिए संबंधित जगहों पर जाएंगे.

पांचवा और छठा महीना:- दो माह नए दारोगा जिला मुख्यालय कोर्ट प्रभारी के पर्यवेक्षण में रहेंगे, जेल में आनेजाने वाले कैदियों का इंटरव्यू करेंगे,वहां बताया जाएगा कि पूर्व में सिद्धियों का पता कैसे लगाया जाता है. उनकी पूरी डिटेल कर रिपोर्ट तैयार करेंगे और प्रत्येक रविवार को कारा परेड में उपस्थित होंगे.

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सातवां महीना:- सभी को रेल आरक्षी थाना से संबद्ध किया जाएगा, रेल अपराध के विशेष काम की जानकारी लेंगे. ऐसे थानों से भी संबद्ध किया जाएगा, जहां रेल आरक्षी निरीक्षक का मुख्यालय हो.

आठवां और नौवां महीना:- किसी नगर थाना में जहां अपराध अधिक हो वहां इन्हें अनुसंधान के लिए पदस्थापित किया जाएगा. सभी को रात में गश्त पर लगाया जाएगा. यातायात और औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं आदि में भी इन्हें लगाया जाएगा. सफेदपोश से संबंधित अपराध तस्करी और दुराचार आदि से निपटना सीखेंगे.

दसवां महीना:- सभी को जिला अपराध शाखा में ब्यूरो कार्य, अपराध का वर्गीकरण, इतिहास पत्रकार रखरखाव,अंतर जिला और अंतरराज्य अपराध से संबंधित केस के बारे में समझाया जाएगा.

11वां महीना:- सभी को एसपी से संबद्ध कर अपराध और गोपनीय प्रशाखा कार्य की जानकारी दी जाएगी. इस दौरान के खेलकूद की प्रतियोगिता में भी भाग लेंगे.

12वां महीना:- सायुध आरक्षी बटालियन संबद्ध कर खासतौर पर भीड़ नियंत्रण, डकैती विरोधी काम और हिंसात्मक घटना और से संबंधित कार्यों के बारे में सिखाया जाएगा. वस्त्रों का प्रयोग कैसे किया जाता है इसका भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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