Lead NewsNational

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भारत को लिखी पहली चिट्ठी, जानें-क्या मांग की है

New Delhi: अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात घोषित करने के बाद पहली बार तालिबान सरकार ने भारत को चिट्ठी लिखी है. तालिबान सरकार ने नागर उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) को चिट्ठी लिखकर भारत और अफगानिस्तान के बीच विमान सेवा फिर से शुरू करने की मांग की है. चिट्ठी मिलने के बाद भारत के नागर उड्डयन मंत्रालय की ओर से समीक्षा की जा रही है.

इसे भी पढ़ेंः बेंगलुरु में कोरोना विस्फोट, एक स्कूल 60 छात्राएं एक साथ संक्रमित

advt

मालूम हो कि तख्तापलट के बाद भारत ने 15 अगस्त से ही अफगानिस्तान से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं को बंद रखा है. वहां से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए बचाव मिशन के तहत सिर्फ कुछ विशेष विमानों को ही काबुल एयरपोर्ट जाने की इजाजत मिली थी. पत्र तालिबान सरकार के नागर उड्डयन मंत्री अल्हाज हमीदुल्ला अखुंजादा की तरफ से लिखी गई है. चिट्ठी 7 सितंबर को भेजी गई थी. अखुंजादा ने इसमें लिखा है, आप जानते हैं हाल ही में काबुल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा था और अमेरिकी सेना के वापस जाने के बाद से यह बंद था. लेकिन कतर के हमारे भाइयों की तकनीकी मदद से एयरपोर्ट का संचालन एक बार फिर शुरू हो गया है और 6 सितंबर को इसे लेकर सभी एयरपोर्ट कर्मियों को नोटाम (नोटिस टू एयरमैन) जारी कर दिया गया है. चिट्ठी का मकसद यह है कि दोनों देशों के बीच यात्रियों की आवाजाही को फिर से बहाल किया जा सके और हमारी राष्ट्रीय विमान सेवा (एरियाना अफगान एयरलाइन और कैम एयर) अपनी फ्लाइट्स को दोबारा शुरू करवा पाए.

इसे भी पढ़ेंःरांची : पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप ने अपर बाजार के व्यवसायी से मांगी तीन करोड़ की रंगदारी

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: