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अधिवक्ता राजीव कुमार को ईडी कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत अर्जी खारिज

Ranchi: मनी लाउंड्रिंग मामले में राजीव कुमार की ओर से दाखिल जमानत अर्जी को ईडी कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मामले में बहस के दौरान ईडी की ओर से जमानत का विरोध किया गया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से राजीव कुमार को निर्दोष बताया गया. जिसके बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले मामले में ईडी की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया था. राजीव कुमार फिलहाल ईडी में दर्ज मामले के कारण रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में बंद हैं. आपको बता दें कि राजीव कुमार 30 सितंबर तक ईडी कोर्ट की न्यायिक हिरासत में हैं. इससे पूर्व 16 सितंबर को हुई सुनवाई में भी ईडी की ओर से समय की मांग की गयी थी. पिछले दिनों कोलकाता में दर्ज 50 लाख बरामदगी मामले में कोलकाता के निचली अदालत से राजीव कुमार को जमानत मिल चुकी है.

31 जुलाई से जेल में बंद हैं राजीव कुमार

आपको बता दें कि कोलकाता पुलिस के एआरएस विभाग ने हैरिसन स्ट्रीट में अवस्थित व्यावसायिक परिसर से बीते 31 जुलाई की रात को 50 लाख नकद के साथ अधिवक्ता राजीव कुमार को गिरफ्तार किया था. उसके बाद से ही वह पहले कोलकाता की जेल में थे. बाद में ईडी ने मनी लाउंड्रिंग का मामला दर्ज कर राजीव कुमार के रांची स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के बाद ईडी ने पूछताछ के लिए राजीव कुमार को 12 दिनों की रिमांड पर भी पूर्व में लिया था.

पीसी और आइपीसी के तहत भी प्राथमिकी दर्ज

हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार एवं उनके मुव्वकिल शिव शंकर शर्मा पर ईडी ने मनी लाउंड्रिंग के साथ, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7ए (अपने व्यक्तिगत प्रभाव का प्रयोग करके किसी अन्य व्यक्ति से अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई अनुचित लाभ स्वीकार करना) भादवि की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) एवं 384 (जबरदस्ती वसूली) केस दर्ज किया. बता दें कि ईडी अधिकांश केस प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत ही दर्ज करता है. लेकिन राजीव कुमार के मामले में ऐसा नहीं है. मनी लाउंड्रिंग के साथ, पीसी एक्ट एवं आइपीसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

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