न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

करोड़ों की ठगी करने फिर निकला कंप्यूटर शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का विज्ञापन

932

Ranchi : बिहार-झारखंड में कंप्यूटर शिक्षकों के नियुक्ति के लिए फिर से एक बार फर्जी विज्ञापन निकाला गया है. विज्ञापन 14 जून के अखबारों में है. कुल 10 हजार 862 पदों के लिए बहाली निकाली गयी है. बहाली प्रखंड स्तर पर संविदा के आधार पर करने की बात कही गयी है.

mi banner add
कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निकाला गया विज्ञापन
कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निकाला गया विज्ञापन

आजाद एजुकेशन ऑफ इंडिया के द्वारा इस प्रोग्राम को रन किया जाना है, ऐसा विज्ञापन में बताया गया है. सभी पदों के लिए 500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा गया है. अगर सिर्फ एक पद के लिए एक अभ्यर्थी आवेदन करता है तो इस फर्जी नियुक्ति के जरीए करीब 55लाख 72 हजार रुपये आसानी से कमाये जा सकते हैं. इसके अलावा फाॅर्म ऑफलाइन सुविधा के तहत 40 रुपये के डाक टिकट के साथ मांगे गये हैं.

इसे भी पढ़ें- समय पर ऑफिस नहीं पहुंचते हैं झारखंड के सीनियर आइपीएस

12वीं में किसी भी विषय में ऑनर्स है योग्यता

इस नियुक्ति में जो शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गयी है उसके तहत 12वीं में किसी भी विषय में ऑनर्स मांगा गया है. 12वीं में ऑनर्स मांगना इस विज्ञापन के फर्जी होने का सबसे बड़ा सबूत है. कंप्यूटर शिक्षक और ब्लाॅक संयोजक के लिए 12वीं में ऑनर्स मांगा गया है. जिला संयोजक के लिए बीए पास किसी भी विषय में ऑनर्स मांगी गयी है.

इसे भी पढ़ें- दुमका : पांच लाख की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली पीसी दी समेत 6 नक्सलियों ने किया सरेंडर

रांची में ऑफिस का पता अरविंद नगर हरमू हाउसिंग काॅलोनी

आजाद एजूकेशन ऑफ इंडिया के झारखंड ऑफिस का पता ए 13 अरविंद नगर हरमू हाउसिंग काॅलोनी, रांची है. इसके अलावा बिहार के पटना के कंकड़बाग में भी इसका कार्यालय है और नोयडा के सेक्टर 16 मेट्रो स्टेशन में हेड ऑफिस बताया गया है. लगातार फोन करने पर तीनों कार्यालय के किसी भी नंबर पर फोन नहीं उठाया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें- दर्द-ए-पारा शिक्षक: उधार बढ़ने लगा तो बेटों ने पढ़ाई छोड़कर शुरू की मजदूरी, खुद भी सब्जियां बेच…

अब तक अंडर प्रोसेस है रजिस्ट्रेशन

विज्ञापन में संस्था को मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लॉयमेंट के तहत एफिलिएटेड बताया गया है. वहीं झारखंड और बिहार में मान्यता को एचआरडी मिनिस्ट्री के तहत अंडर प्रोसेस बताया गया है. मतलब बिना मान्यता को पूरा किये ही नियुक्ति निकाल दी गयी है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: