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आडवाणी,  गुलाम नबी आजाद,  फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में चूक, एनएसजी ने राज्य सरकारों को पत्र लिखा

आडवाणी देश के उप प्रधानमंत्री रहे हैं, वहीं आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और अब्दुल्ला तीन बार जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

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NewDelhi :  भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी,  कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में सेंध को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने दिल्ली सरकार और राज्य सरकारों को पत्र लिखा है. आडवाणी देश के उप प्रधानमंत्री रहे हैं, वहीं आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और अब्दुल्ला तीन बार जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.  यह पत्र इन तीन वरिष्ठ राजनेताओं के सुरक्षा घेरे में हुए उल्लंघन को लेकर लिखा गया है. बता दें कि दो नवंबर के इस पत्र में एनएसजी के महानिदेशक ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघनों की विशिष्ट प्रकृति को लेकर लिखा है.  पत्र में स्थान का विवरण तारीखों के साथ दिया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अक्तूबर में पंजीकृत उल्लंघनों की जानकारी देते हुए एनएसजी ने पाया कि मौजूदा खतरों को ध्यान में रखते हुए इस तरह की प्रकृति वाले सुरक्षा उल्लंघन ‘जोखिम भरे थे. इन उल्लंघनों में उनके काफिले में जैमर और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाना,  निजी सुरक्षा अधिकारियों को प्रोटेक्टी (आधिकारिक सुरक्षा पाने वाले शख्स) के वाहन में जाने की इजाजत नहीं देना और बहुत से अनधिकृत लोगों को उनके वाहनों में बैठने की मंजूरी देना शामिल है.

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लाल कृष्ण आडवाणी,  फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को अत्यधिक खतरा

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17 अक्तूबर को लिखे एक पत्र के अनुसार, आडवाणी के काफिले में एंबुलेंस और काफिले में अतिरिक्त गाड़ियां उपलब्ध नहीं करवाई गयीं.  प्रोटेक्ट के वाहन में तीन अनधिकृत लोगों को बैठने दिया गया. एसीपी और उप पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी टेल कार में मौजूद नहीं थे. उधर गुलाम नबी आजाद के मामले में ज्यादातर उल्लंघन काफिले में जैमर और एंबुलेंस मुहैया न करवाने को लेकर किये गये. चार  अक्तूबर केा आयी इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एनएसजी एस्कॉर्ट के लिए काफिले में चार और पांच वाहनों को उपलब्ध नहीं करवाया गया.  एक वाहन में अनधिकृत शख्स को बैठने की इजाजत दी गयी.  इसी तरह के उल्लंघन मुंबई और श्रीनगर सहित दूसरी जगहों पर फारूक अब्दुल्ला के साथ हुए. पत्र में लिखा गया है कि लाल कृष्ण आडवाणी, डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला और गुलाम नबी आजाद की सुरक्षा को अत्यधिक खतरा है और उनकी सुरक्षा तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब दिशा-निर्देशों का बारीकी से पालन होगा.

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