न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मिलावटी मिठाईयों से पटे हैं बाजार, संभल कर करें खरीददारी

59

Ranchi: पर्व-त्यौहार के नजदीक आते ही बाजार में नकली मिठाई, खोवा और मेवे की बिक्री भी धड़ल्ले  से होने लगती है. दिवली जैसे बड़े त्यौहार में एक दूसरे को मिठाई खिलाने की परंपरा है. हर घर व ऑफिस में  मिठाई खरीदी जाती है. अन्य दिनों की तुलना में दिवाली व अन्य पर्व त्योहारों में मिठाई की मांग ज्यादा होने लगती है. इसी मांग का फायदा उठाकर मिठाई विक्रेता नकली मिठाई भी बाजार में बेच डालता है जिसे खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगती है. रांची एसडीओ गरिमा सिंह ने बीते दिनों कुछ दुकानों में छापामारी कर मिठाई का सैंपल लिये थे. इन्‍हें जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी में भेजा गया था. स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी के विश्लेषकों ने भी माना है कि बाजार में मौजूद मिठाईयों में मिलावट है.

इसे भी पढ़ें:पलामू : पांच दिनों तक चलने वाला दीवाली महोत्सव शुरू, धनतेरस पर गुलजार हुआ बाजार

सैंपल की जांच रिपोर्ट मंगलवार को आयेगी

स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी के विश्लेषक सह कॉर्डिनेटर चतुर्भुज मीणा ने बताया कि एसडीओ द्वारा 18 सैंपल दिये गये हैं. इनकी जांच हो चुकी है. मगंलवार को रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी जायेगी. मीणा ने बताया कि जांच किये सैंपलों में अधिकांश में मिलावट पाया गया है. लेकिन, किस दुकाने के सैंपल में मिलावट है, इसकी जानकारी जिला प्रशासन से ही प्राप्त हो सकेगी.

इसे भी पढ़ें:छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा सबजेक्टिव होगी, जनवरी 2019 में होगा मेंस

कैसे करें असली-नकली मिठाई की पहचान

चतुर्भुज मीणा ने बताया कि असली-नकली मिठाईयों की पहचान खुद से भी की जा सकती है. असली छेना को कसकर दबाने पर वह वापस अपने शेप में आ जायेगा, जबकि‍ नकली छेना बिखर जायेगा. आयोडिन से भी इसकी पहचान की जा सकती है. आयोडीन डालते ही नकली छेना काला पड़ता है. वहीं मेवा की मिठाई एक बार में नहीं टूटती, जबकि मिलावटी मिठाई एक बार में दो टुकड़े हो जाते हैं. नकली या मिलावटी मेवा की मिठाई में चिपचिपाहट होती है जो दांतो में फंस जाते हैं. असली मिठाई मुंह में डालते ही घुलने लगेगी और दांतों में चिपकेगी नहीं.

इसे भी पढ़ें: धनतेरस पर बाबूलाल मरांडी ने रघुवर सरकार पर फोड़ा 5000 करोड़ का बम

जानलेवा भी साबित हो सकती है मिलावट वाली मिठाई

दि‍वाली में नकली मिठाई का कारोबार बढ़ गया है. नकली छेना, नकली खोआ से बाजार पटे हुए हैं. शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गांवों में भी नकली मिठाई के कारोबारियों ने पांव पसार दिया है, जिससे आम लोगों को यह पता ही नहीं चल पाता है कि असली मिठाई कौन हैं और नकली कौन. डॉक्टर अंशुल कुमार के अनुसार स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से नकली मिठाई जानलेवा साबित भी हो सकती है. मिठाईयों में स्कार्स मिलाये जाते हैं. जो सेहत के लिए नुकसानदेह होता है. दुकानों में खरीदते वक्त ही मिठाई की गुणवत्ता को अच्छे तरीके से परख लेना चाहिये. उन्होने बताया कि नकली मिठाई खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. नकली खोआ के सेवन से अपच, डिहाइड्रेशन की बराबर शिकायत आती है. वहीं सांस फूलने की शिकायत रहती है. इसीलिए नकली मिठाई खाने से परहेज करें. ज्यादा दिन की बनी बासी मिठाईयां भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.


हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: